Yogi Adityanath biography: एक महंत कैसे बने Uttarpradesh के मुख्यमंत्री?

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15 फरवरी 1994 में Adityanath सांसारिक मोह माया त्यागकर पूर्ण रूप से संन्यासी बन गए, जिसके बाद नाम अजय सिंह बिष्ट से बदलकर “योगी आदित्यानाथ” हो गया

संघर्ष के मार्ग पर जो वीर चलता हैं,
वो ही इस संसार को बदलता हैं.
जिसने अन्धकार, मुसीबत और ख़ुद से जंग जीती,
सूर्य बनकर वही निकलता हैं.

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गेरुआ वस्त्र, माथे पर टिका, और चेहरे पर गजब का प्रकाश जो सिध्यांतो के पक्के हैं. एक साधारण से दिखने वाले Yogi Adityanath को देखकर कोई नहीं कह सकता की एक योगी ने Uttarpradesh सहित पूरे देश में अपनी गहरी छाप छोरी है.

CM YOGI ADITYANATH BIOGRAPHY

अपराधियों के जहन में खौफ पैदा कर दे वो नाम हैं Yogi Adityanath. बिपक्ष के पसीने छुरा दे वो नाम हैं Yogi Adityanath.

आज दुनिया के नजरो में स्टार बने हुये Yogi Adityanath की उस कहानी की जानकारी आपको बताएंगे जिसने उन्हें एक सन्यासी से सीधे एक मुख्यमंत्री का चेहरा बना दिया. यहां बात होगी की आखिर कैसे एक महंत, एक योगी उत्तरप्रदेश के सीएम बन गए.

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भारतीय जनता पार्टी के गोरखपुर से सांसद और Uttarpradesh के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath आज किसी भी पहचान की मोहताज नहीं हैं, आज योगी दुनिया के उन ताकतवर नेताओं में शुमारहैं, जिनके तरीके और नियम दुनियाभर में चर्चित हैं.

YOGI ADITYANATH

एक सन्यासी आखिर कैसे देश के सबसे बड़े राज्य Uttarpradesh के मुख्यमंत्री की कमान संभाले हुये हैं, ये अपने आप में ही बड़ा सवाल है.

फिलहाल 2022 में यूपी में आगामी चुनाव हो चुके हैं, इस बिच सभी राजनितीक पार्टियां राज्य में अपना दम ख़म लगाने में जुटी रही, और आख़िरकार में जीत भारतीय जनता पार्टी और देश के लोकप्रिय राजनेता Yogi Adityanath की हुई.

यहां नेताओ की श्रेणी में प्रधानमंत्री Modi के बाद अगर किसी नाम की सबसे ज्यादा चर्चा होती है तो, वो हैं सूबे के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath.

उत्तरप्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में Yogi Adityanath ने 19 मार्च 2017 में शपथ ली जिसके बाद उनकी लोकप्रिय में जबरदस्त इजाफा हुआ. आज दुनिया के नजरो में स्टार बने हुये Yogi Adityanath की उस कहानी की जानकारी आपको बताएंगे जिसने उन्हें एक सन्यासी से सीधे एक मुख्यमंत्री का चेहरा बना दिया.

CM YOGI

यहां आपलोगो में कई ऐसे लोग हैं जिन्हे नहीं पता होगा की Yogi Adityanath का नाम Ajay Singh Visht है, संन्यास लेने के बाद ही उनका नाम बदल गया.

बता दें की Yogi Adityanath का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के, पौड़ी जिले में एक गढ़वाल राजपूत परिवार में हुआ.

YOUNG YOGI ADITYANATH

Yogi Adityanath के पिता आनंद सिंह बिष्ट पेशे से फॉरेस्ट रेंजर थे, साथ ही माता सावित्री देवी गृहणी. योगी के परिवार में तीन भाई और तीन बहनें हैं. जहाँ Yogi Adityanath अपने भाई बहनों में पांचवें नंबर पर आते हैं. इनकी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय पौड़ी, उत्तराखंड में हुई.

YOGI AADITYANATH’S PARENTS

यहां शिक्षा पूरी होने के बाद उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय से गणित और विज्ञान में स्नातक की डिग्री ली. इसके बाद गणित विषय में एमएससी करने के लिए उन्होंने एडमिशन तो लिया और इसी बिच हिन्दू और हिंदुत्व की राह पर चलने वाले Yogi Adityanath राम मंदिर आंदोलन के प्रभाव में आये जिस बिच उन्होंने यहां से अपनी पढाई छोर दी.

यहां अजय सिंह विष्ट की जिंदगी में एक ऐसा हवा का झोका आया जिसके चलते उनकी पूरी जिंदगी बदल गई और आज अजय सिंह योगी आदित्यनाथ के नाम से जाने जाते हैं, जहाँ आज ये उत्तरप्रदेश का सबसे बड़ा चेहरा बनकर सामने आये और उन्हें सूबे का मुख्यमंत्री बना दिया गया.

YOGI ADITYANATH FAMILY

गोरखपुर के गोरक्ष पीठ रहने वाले एक साधारण सा चेहरा आज पूरे Uttarpradesh का सबसे बड़ा चेहरा बन गया है. आज जहाँ दूसरे नेता के परिवारवाले ऐशो आराम की जिंदगी जी रहे हैं, वहीँ Yogi Adityanath का परिवार ये सभी एक आम नागरिक की तरह जीवन को व्यतीत कर रहे हैं.

सत्ता की आगोश में जहाँ इंसान अपना सबकुछ बदल लेता है, CM Yogi Adityanath के नाथ मन कर उभरे और आजतक वही गेरुआ वस्त्र, वस्त्र और चेहरे पर हलकी सी मुस्कान लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री अपनी जनता के लिए दिन रात नहीं कहानियों को बुनने लगे हैं.

यहां छात्र जीवन के दौरान Yogi Adityanath कोटद्वार में किराये पर रहे थे जहाँ उनके कमरे में चोरी हो गई थी जहाँ उनके कुछ जरुरी सर्टिफिकेट भी चोरी हो गए थे इसी कारन Yogi Adityanath एमएससी नहीं कर पाए थे.

वहीँ योगी आदित्यनाथ महज 22 साल की उम्र में गणित में एमएससी की पढ़ाई के दौरान 1993 में वह गुरू गोरखनाथ पर रिसर्च करने के लिए गोरखपुर चले गए. इस दौरान अजय सिंह ने 1992 में राम मंदिर आंदोलन की तैयारियों को लेकर एबीवीपी की सभा में सम्मिलित हो गया, जहाँ इस सभा में महंत अवैद्यनाथ भी आए हुए थे और यहीँ उनकी नजर अजय सिंह/आदित्यनाथ पर पड़ी.

सीएम योगी महंत अवैद्यनाथ के साथ

जहाँ महंत अवैद्यनाथ ने अजय सिंह विष्ट में उसी वक़्त आज का भविष्य देख लिया जहाँ वो जानते थे अजय सिंह एक दिन Yogi Adityanath बनकर पूरी भारतीय राजनीती में धुरंधर बनकर उभरेंगे.

महंत अवैद्यनाथ से मिलने के बाद Adityanath के सांसारिक जीवन में अलग बदलाव आया जहाँ वो उसी समय से उन्हें अपना गुरु बना दिया, इस दौरान जब वो घर गए तब भी उन्होंने अपनी माँ से कहा की वो जा रहे हैं, पर माँ को लगा की बेटा कमाने के लिए नौकरी पर जा रहा है. जहाँ Yogi Adityanath के संन्यास लेने के करीबन 6 महीने बाद परिवार वालो को पता चला की उनका बेटा अब सन्यासी बन चुके हैं, इस पर परिवार वाले भौचक्के रह गयें.

यहां 15 फरवरी 1994 में आदित्यानाथ सांसारिक मोहमाया त्यागकर पूर्ण रूप से संन्यासी बन गए, जिसके बाद नाम अजय सिंह बिष्ट से बदलकर “योगी आदित्यानाथ” हो गया.

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने मात्र 22 साल की उम्र में सांसारिक सुख तो त्याग कर एक योगी की तरह जीने का फैसला किया.

यहां आपकी जानकारी के लिए बता दे Yogi Adityanath के गुरु और महंत अवैध्यनाथ खुद भी राजनीती में सक्रिय थे, जहाँ वो बीजेपी से ही सांसद रहे बाद में उन्होंने साल 1998 में महंत अवैद्यनाथ ने Yogi Adityanath को अपना उत्तराधिकारी बना दिया था. जहाँ योगी आदित्यनथ ने अपने गुरु से नाथ संप्रदाय की योग दीक्षा ले ली थी.

महंत अवैद्यनाथ -योगी आदित्यनाथ

जिसके बाद महंत अवैध्यनाथ ने Yogi Adityanath को लोकसभा का प्रत्याशी घोषित कर दिया था. जिसके बाद चुनाव हुआ और अजय सिंह विष्ट उर्फ़ योगी आदित्यनाथ महज 26 साल की ही उम्र में जीत हासिल कर के संसद भवन पहुंच गए.

यहां एक सन्यासी ने पूरे देश को जीत दर्ज कर अचंभित कर दिया था, योगी आदित्यनाथ को सबसे कम उम्र में सांसद बनने का गौरव प्राप्त हुआ.

यहां आध्यात्मिक महंत अवैध्यनाथ के अपने देह त्यागने के बाद योगी आदित्यानाथ को साल 2014 में गोरक्षनाथ पीठ के महंत बना दिया गया.

महंत योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ 5 बार गोरखपुर लोकसभा से सांसद रह चुके हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में Yogi ADITYANATH ने 1,42,309 मतों के अंतर से जीत दर्ज की.

वही इस बिच पिछले करीब 29 साल से गोरखपुर सीट से गोरक्षपीठ का दबदबा रहा है. महंत Yogi Adityanath ने साल 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में लगातार 5वीं जीत हासिल की थी.

साल 2017 के UP के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से प्रचंड जीत मिली थी. जिसके बाद Yogi Adityanath के चर्चे दूर दूर होने लगे.

यहां उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया और 19 मार्च 2017 को उन्होंने यूपी के सीएम पद की शपथ ली.

UP CM YOGI

Yogi Adityanath के परिवार वालो की बात करे तो आज भी उनके बड़े भाई जो Yogi Adityanath से दो साल बड़े हैं मनेंद्र मोहन विष्ट उन्हें महाराज कह कर पुकारते हैं. सन्यास लेने के बाद Yogi Adityanath अपने घर केबल 3 से 4 बार ही घर गए हैं.

बता दे की Yogi Adityanath ने 2002 में अपना हिन्दू संगठन का गठन किया था. इस संगठन का नाम “हिन्दू युवा वाहिनी” रखा गया. जहाँ मुख्यमंत्री का ये संगठन हिन्दू युवा वाहिनी का प्रभुत्व, गोरखपुर, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संत कबीरनगर और सिद्धार्थनगर जिलों में सबसे अधिक है.

YOGI ADITYANATH OLD PIC

यहां Yogi Adityanath से जुड़ा मजेदार किस्सा ये कहता है की जब महराज जी को CM बनाया गया था, तब वो खुद नहीं जानते थे की उन्हें शपथ लेने की तैयारी चल रही है. जिसको लेकर UP के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपने इंटरव्यू में कहा था की  “मैंने कभी उम्मीद नहीं थी कि मैं यूपी का सीएम बनूंगा, और ना ही किसी दौड़ में मैं शामिल था. रिजल्ट के एक दिन पहले मुझे विदेश जाना था. तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा जी का कॉल आता है कि आपको एक डेलीगेशन के साथ विदेश जाना है वहां आपकी बड़ी डिमांड है. तब मैंने कहा कि मैं विदेश दौरे पर बहुत जाता नहीं हूं, तो उन्होंने कहा कि पोर्ट ऑफ लुइस में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं.”


Yogi Adityanath ने आगे बताया की “11 मार्च को नतीजे आने थे तो 10 मार्च को मुझे सूचना मिली की पीएमओ ने मेरी पासपोर्ट वापस ले लिया है. इसके बाद अगले दिन मैंने Gorakhpur की टिकट बुक की और वापस आ गया.. 17 मार्च को उनका (पीएम) का फोन आता है कि कहां हैं? मैंने कहा मैं तो Gorakhpur हूं, तो उन्होंने कहा कि कैसे तुरंत आ सकते हैं, मैंने कहा अभी तो आ नहीं सकता हूं क्योंकि 6 बज चुके हैं. उन्होंने कहा कि सुबह आपके लिए चार्टर प्लेन भेज रहा हूं, अगले दिन मैं उससे दिल्ली चला गया. जैसे ही गया तो उन्होंने कहा तो उन्होंने कहा कि आप सीधे लखनऊ चले जाइए आपको शपथ लेनी है, मैंने कहा कि काहे की तो उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सीएम की.”

MODI-YOGI-AMIT SHAH

यहां योगी Adityanath की कहानी में कई अहम् मोड़ आये जहाँ Uttarpradesh के इस भावी महंत को कभी कोई लोभ नहीं रहा.

प्रदेश के CM होने के बाबजूद एक आम तरीके से अपनी जीवनशैली को जीने वाले Yogi Adityanath हमेशा ही गेरुआ वस्त्र में दीखते हैं, जहाँ मुख्यमंत्री अपनी जनता की मुश्किलों का हल करने की क्षमता भी रखते हैं और अपने गुरु के वचनो को भी नहीं तोड़ते. और यही अजय सिंह विष्ट की सफर से आगे बढ़कर Yogi Adityanath को उत्तरप्रदेश के भावी मुख्यमंत्री की पहचान देता है |

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