PM Modi के खिलाफ विपक्षियों की एकजुटता क्या 2024 Loksabha में टक्कर दे पायेगी ?

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पटना में हुए 15 दलों के बैठक में विपक्ष ने एक-दूसरे के साथ आरोप-प्रत्यारोप का खेल-खेला है. क्या ये एकजुटता केंद्र से मोदी सरकार को हटा पाएगी

बिहार ये वही भूमी है जहां कई क्रांतिकारी आंदलनों के शुरुआत हुए. लेकिन 23 जून 2023 का दिन वो ऐतिहासिक दिन बन गया है, जहां पुरे देश के विपक्षी दलों ने पहली बार केंद्र की पार्टी को हराने के लिए उन विपक्षी दलों ने एक जुटता दिखाई है जो एक पल एक दूसरे को कभी देखना नहीं चाहती थी.

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इन विपक्षी दलों का बैठक ये दावा करता है की इस बार 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्र से मोदी सरकार (PM Narendra Modi) को हटा देंगे. अब सवाल ये उठता है की क्या ये महागठबंधन जो दावा करती है वो सच में पूरा होगा, या फिर ये भी सिर्फ एक टिप्पणी बन कर रह ही रह जायेगी?

नीतीश कुमार ने खुद बिठाई बैठक

बिहार की राजधानी पटना में कल यानि 23 जून के दिन 15 विपक्षी दलों की एक महाबैठक हुई थी. इस बैठक में करीब छह राज्यों के मुख्यमंत्री और 5 राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हुए हैं. बता दें की इस बैठक में होने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को सत्ता से हटाने को लेकर रणनीति बनाई जा रही है.

वहीँ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने खुद ही विपक्ष को एकजुट करने के लिए यह बैठक बिठाई है. इस बैठक से लगातार यही खबरे सामने की, विपक्ष सिर्फ एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का खेल ही खेल रही है. चलिए जानते हैं कैसे?

AAP का कांग्रेस पर आरोप

पटना में विपक्षी दलों की बैठक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के घर पर ही हुई थी. जहां राहुल गाँधी (Rahul Gandhi), नीतीश कुमार (Nitish Kumar), ममता बनर्जी (Mamta Banerji) और केजरीवाल (Arvind Kejriwal) समेत पन्द्रह दलों ने सारे गीले शिकवे भुला कर एकजुटता दिखाने की कोशिश की. लेकिन बैठक की शुरुआत भी नहीं हुई थी आम आदमी पार्टी से केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) को एक ऐसी बड़ी बात कही जो आपको हैरान कर देगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक AAP का बड़ा आरोप है, उन्होंने कहा है की अध्यादेश को लेकर कांग्रेस और BJP में डील हुई है. AAP का कहना है की दिल्ली में अध्यादेश को लेकर कांग्रेस को उनके समर्थन में खड़ा होना होगा.

राहुल गाँधी को नहीं है विपक्षियों पर विश्वास!

कांग्रेस के पूर्व सांसद राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) बैठक से पहले ही 15 दलों पर विश्वास करने से कतरा रहे थे. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा की की साफ़ दिल से विपक्षी एक जुट हो, ऐसा न हो की अंदर कुछ और बहार कुछ और.

मल्लिका अर्जुन खड़गे (Mallika Arjun Khadge) कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष ये कह रहे थे “की अगर वो बिहार को जीत लेते हैं तो पुरे भारत को जीत लेंगे.” लेकिन अब सवाल ये उठता है की क्या इन विपक्षी दलों की एकजुटता प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) को तीसरी बार सत्ता में आने से रोक पाएगी?

CONTENT: NIKITA MISHRA

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