‘इंडिया नहीं अब भारत’! G-20 के आमंत्रण पत्र में राष्ट्रपति मुर्मू ने आखिर क्या लिखा?

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राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू ने G-20 में शामिल होने वाले सभी विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और मुख्यमंत्रियों को दिल्ली में डिनर के लिए आधिकारिक निमंत्रण पत्र में रिपब्लिक ऑफ ‘इंडिया’ की जगह रिपब्लिक ऑफ ‘भारत’ शब्द के इस्तेमाल पर बवाल हो गया है

G-20 शिखर सम्मलेन के लिए दिल्ली में जमकर तैयारियां चल रही है. 9 और 10 सितंबर की बैठक में तमाम विदेशी मेहमान शामिल होंगे जो G-20 का हिस्सा हैं. ऐसे में बीते दिनों राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू ने G-20 में शामिल होने वाले सभी विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और मुख्यमंत्रियों को दिल्ली में डिनर के लिए आधिकारिक निमंत्रण भेजा है. इस निमंत्रण पत्र में लिखे गए एक शब्द पर अब बवाल हो गया है. कांग्रेस ने सबसे पहले सवाल उठाया है। ऐसे में पूरा विवाद क्या है ये जानिए.

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राष्ट्रपति के निमंत्रण पत्र में क्या है?

दिल्ली में G-20 की ग्रैंड तैयारियां चल रही है. राजषानी की सड़के रंग बिरंगे फूल, फव्वारे और लाइट से सजी हुई है. चप्पे चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती है. जमीन से लेकर आसमान तक सिक्योरिटी कड़ी है. वहीँ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री अपने विदेशी मेहमान के स्वागत के लिए तैयार हैं. बीते दिनों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जब सभी विदेशी मेहमान और राज्यों के मुख्यमंत्रियों को न्योता भेजा तो उसमे पहली बार रिपब्लिक ऑफ़ इंडिया की जगह रिपब्लिक ऑफ़ भारत शब्द का इस्तेमाल किया गया है.

मोहन भागवत ने की थी अपील

राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ प्रमुख (RSS) प्रमुख मोहन भागवत बीते 1 सितंबर को इंडिया के बजाय भारत बोलने की बात कही थी. यहां आरएसएस प्रमुख सकल जैन समाज के एक कार्यक्रम के लिए गुवाहाटी पहुंचे थे. उन्होंने देश के पुराने नाम के इस्तेमाल की अपील करते हुए कहा कि, हमारे देश का नाम भारत है, दुनिया में चाहे सुने, लिखे या कहे हर जगह भारत ही रहना चाहिए. अगर इसे कोई नहीं समझ पाता तो आप चिंता बिलकुल ना करें। अगर सामने वाले को समझने की जरुरत होगी तो वह उसे खुद ही समझ लेगा। आज दुनिया को हमारी जरुरत है. हम बिना दुनिया के चल सकते हैं लेकिन दुनिया हमारे बिना नहीं चल सकती है.

ऐसे में फिलहाल राष्ट्रपति के आमंत्रण पत्र में जिस तरीके से रिपब्लिक ऑफ़ भारत का जिक्र किया गया, उसे इसी सन्दर्भ में देखा जा रहा है. बता दें कि इंडिया नाम को बदलने के मामलें पर विपक्ष कई सवाल उठा रहा है.

बीजेपी ने की संशोधन की मांग

बीजेपी सांसद हरनाथ सिंह यादव ने संविधान से इंडिया हटाने की मांग की है. उन्होंने कहा की मैं कोई संविधान नहीं चला रहा हूँ, बल्कि ये सारा देश चाह रहा है. देश का नाम सिर्फ भारत है दूसरा कोई नाम नहीं है. भारत शब्द में जज्बा है. भारत एक प्राणवान शब्द है. इससे हम सभी को ऊर्जा मिलती है. बीजेपी सांसद ने आगे कहा की भारत श्रद्धा का भाव है. वो इंडिया में दूर तक नहीं है. गौरतलब है की विपक्ष दलों के गठबंधन का नाम भी I.N.D.I.A है. जिसपर अबतक बवाल मचा हुआ है.

कांग्रेस ने जताई आपत्ति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा G-20 के लिए भेजे गए आमंत्रण पत्र पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। रिपब्लिक ऑफ़ भारत शब्द पर कांग्रेस को इतनी परेशानी हुई की ट्वीट का सिलसिला शुरू हो गया. कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि, G-20 सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति द्वारा मेहमानों को भेजे गए आमंत्रण पत्र में रिपब्लिक ऑफ ‘इंडिया’ की जगह रिपब्लिक ऑफ ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है। INDIA से इतना डर? यह विपक्ष के लिए मोदी सरकार की नफरत है या एक डरे और सहमे हुए तानाशाह की सनक?

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