हम क्यों हँसते हैं? आखिर क्या है इसके पीछे के वैज्ञानिक कारण

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हंसी एक तरीका है जिसमें आप बगैर बोले अपनी भावना का इज़हार कर पाते हैं. लेकिन कभी आपने सोचा की आखिर हंसी आती क्यों है और कैसे आती है

हंसी आना एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है. जैसे दुखी होना गुस्सा आना या फिर नाराज हो जाना. हंसी आने के पीछे भी कई कारण होते हैं. हंसी एक तरीका है जिसमें आप बगैर बोले अपनी भावना का इज़हार कर पाते हैं. लेकिन कभी आपने सोचा की आखिर हंसी आती क्यों है और कैसे आती है. हालाँकि कई लोग जोक पर हँसते हैं, किसी से मिलने पर भी हंसी आती है. या खुद ऐसी हरकत हो जाती है जिससे हंसी छूट जाती है.

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आपको बता दें कि हंसी के पीछे एक अनोखा विज्ञान है।  तो आइये आपको हम बताते हैं हंसी के पीछे सभी लॉजिक्स.

इंसान क्यों हँसता है?

इंसान के हंसने के पीछे का सबसे बड़ा मेडिएटर दिमाग होता है. और इससे जुडी होती है इंसानी शरीर की तीन इन्द्रियां। पहला जो आप सुन पा रहे हैं, दूसरा जो आपने देखा है. तीसरा आपने जो महसूस किया है. जैसे ही आप इन तीनों में से किसी भी एक माध्यम के जरिए कुछ ऐसा अपने दिमाग तक भेजते हैं जो आपको आनंदित और खुशनुमा महसूस करता हो.

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वहीँ आपके दिमाग में एंडॉरफिंन्स (Endorphins) नाम का केमिकल बनने लगता है. और यही केमिकल आपके हंसने की वजह बनता है.

हम कैसे हँसते हैं?

हंसने का ढंग हर इंसान में अलग अलग होता है. कई लोगो काफी तेज आवाज में हँसते हैं, कोई धीरे से. हालाँकि इंसान की हंसने की प्रक्रिया एक ही होती है. दरअसल हमारी छाती की मांसपेशियां, हाई प्रेशर के दौरान पसलियों से हवा बाहर की ओर छोड़ती हैं. हंसी आने पर यह होता है और उसी दौरान अलग अलग आवाज़ पैदा होती है.

हंसने वक़्त क्या होता है?

आमतौर पर बोलने के दौरान हमारे मुंह के अंदर जीभ, दांत, जबड़ा हर एक का इस्तेमाल होता है. हालाँकि हंसी वाली भावना के वक्त सिर्फ और सिर्फ पसलियां काम करती हैं. आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि हंसते हुए आपकी जीभ या दांत कुछ काम नहीं कर रहे होते हैं. बस अंदर से छिड़ी एक गुदगुदी हंसी में बदलती जाती है.

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साइंस क्या कहता है?

साइंटिफिक अमेरिकन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक साइकोलॉजिस्ट क्रिस्टिन जेर्रेट का मानना है कि इंसान किन किन चीजों पर हंस सकता है, इसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल या यूं कहें कि नामुमकिन है. दरअसल, इंसान किस बात पर हंसेगा ये उसका खुद का ह्यूमर तय करता है.

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