मोदी सरकार को क्यों पड़ी ‘श्वेत पत्र’ पेश करने की जरुरत? आखिर इसमें ऐसा क्या है?

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श्वेत पत्र’ के जरिए संसद में आज कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार के कमजोर आर्थिक हालात का दावा कर मोदी सरकार अपनी बात रखेगी

मोदी सरकार संसद में मौजूद बजट सत्र के दौरान श्वेत पत्र पेश करेगी. संसद में आज कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार के कमजोर आर्थिक हालात का दावा कर मोदी सरकार अपनी बात रखेगी.

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2014 से तुलना करते हुए बीजेपी श्वेत पत्र में अपनी नीतियों का भी बखान करेगी। बता दें कि श्वेत पत्र के लिए संसद के मौजूदा बजट सत्र 9 फरवरी से बढाकर 10 फरवरी तक किया गया है.

क्या है श्वेत पत्र?

आज मोदी सरकार संसद में जो श्वेत पत्र पेश करेगी वो सीधे तौर पर कांग्रेस कार्यकाल की खामियां गिनायेगी. श्वेत पत्र का अर्थ है ‘सूचनात्मक रिपोर्ट’. इसमें सरकार द्वारा उसकी नीतियों और मुद्दे का जिक्र किया जाता है.

इसमें कुछ तथ्यों का विवरण भी दिया जायेगा. लॉ के जानकारों के मुताबिक सरकारी कागजात वितरण के इसमें रंग कोडित होते हैं.

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श्वेत पत्र की जरूरत कब पड़ती है?

सताधारी सरकारें इसे तब संसद में पेश करती है जब उसे किसी विशेष मुद्दे पर कार्यवाई या उसपर निष्कर्ष या फिर चर्चा करने की जरूरत पड़ती है.

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