BJP को जब जब कांग्रेस ने दिया आलोचना का मौका, प्रधानमंत्री मोदी का बढ़ता रहा दबदबा!

ज़रूर पढ़ें

राजनीतिक गलियारों में कई ऐसे नेता भी मौजूद है जो प्रधानमंत्री के विपक्ष में बोलने से बिल्कुल नहीं कतराते. आज हम उन्ही कांग्रेस के नेताओं की बात करेंगे जिन्होंने देश के प्रधानमंत्री आलोचना करने कसर नहीं छोड़ा.

चुनाव का सिलसिला शुरू हो चुका है. भारतीय राजनीति में ज्यादातर देखा गया है की जब भी किसी पार्टी को ऊपर पहुंचना होता है तो वो विपक्ष की बुराई करना और उनकी कमी को दिखाने में पीछे नहीं हटते. ऐसा ही कुछ हाल आजकल कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं के साथ होता हुआ नज़र आ रहा है. जहां एक भी पल वो बीजेपी पर निशाना साधने से बचती नहीं है. चाहे कोई भी आयोजन हो, कोई भी कार्यक्रम हो अगर वहां कांग्रेस के नेतागण मौजूद होते हैं तो वो प्रधानमंत्री (PM Modi) के खिलाफ तंज कसना नहीं भूलते.

कांग्रेस का पीएम मोदी पर विवादित बयानों का सिलसिला

कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे(Mallikarjun Kharge) के पीएम मोदी (PM Modi) के खिलाफ दिए गए विवादित बयानों के बाद देख ही लिया होगा की वो कैसे देश के प्रधानमंत्री (PM Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के छवि को वोट मांगने की तकनीक बता रहें थे. तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष पीएम मोदी (PM Modi) को “सांप का ज़हर” कहने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं.

राजनीतिक गलियारों में कई ऐसे नेता भी मौजूद है जो प्रधानमंत्री (PM Modi) के विपक्ष में बोलने से बिल्कुल नहीं कतराते. आज हम उन्ही कांग्रेस के नेताओं की बात करेंगे जिन्होंने देश के प्रधानमंत्री (PM Modi) की गलत तरीके से आलोचना करने से पीछे नहीं हटते.

सोनिया गांधी

साल 2007 से ही कांग्रेस लगातार पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) के खिलाफ विवादित बयान देती आई है. और इस सिलसिले को मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) के विवादित टिप्पणी ने बरकारार रखा. साल 2007 में जब गुजरात के विधान सभा चुनाव होने वाले थे तब सोनिया गाँधी (Soniya Gandhi) ने प्रधानमंत्री (PM Modi) को ‘मौत का सौदागर’ बताया था. जिसके बाद क्या हुआ उनकी ये टिप्पणी उन्ही पर भारी पड़ी.

- Advertisement -

इस चुनाव को नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने जीत कर गुजरात के सीएम पद का संभालना शुरू किया. कांग्रेस सिर्फ 117 विधानसभा सीटों में से 59 सीटें ही अपने नाम कर पायी.

मणिशंकर अय्यर

साल 2014 में फिरसे कांग्रेस ने यही गलती दोहराई. जब कांग्रेस समिति का बैठक हो रहा था तो इस दौरान मणिशंकर अय्यर (Manishankar Ayyar) से जब नरेंद्र मोदी (PM Modi) के बारे में पुछा गया था उन्होंने कहा था की उनका यहाँ क्या काम? अगर चाय बेचना चाहते हैं तो बेशक आ सकते हैं. इस बात को सुनकर पीएम मोदी (PM Modi) ने चाय वाले की छवि को बरकार रखा. और चुनाव के थीम का नाम चर्चा पर चर्चा रख दिया.

कांग्रेस लीडर मधुसूदन मिस्त्री

साल 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस लीडर मधुसूदन मिस्त्री (Madhuusudan Mistri) ने पीएम मोदी (PM Modi) को उनके औकात बताने जैसी बात कही थी. जिसके बाद पीएम मोदी (PM Modi) चुप नहीं बैठे उन्होंने कई बार इस बात का जिक्र चुनावी कार्यक्रम में किया. जिसके बाद फिर से गुजरात में भाजपा की सरकार आयी.

राहुल गाँधी

साल 2019 में कर्नाटक के एक लोकसभा चुनाव के वक़्त कांग्रेस के पूर्व सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पीएम मोदी पर तंज कस्ते हुए कहा था, की ‘चोरों का सरनेम मोदी है, सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है, चाहे वह ललित मोदी हो या नीरव मोदी हो चाहे नरेंद्र मोदी(PM Modi).

इस बात को सुनने के बाद गुजरात के विधायक ने राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करवाया था. जिसके बाद राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) को 23 मार्च 2023 के दिन इस मामले में दोषी करार कर 2 साल की सज़ा सुना दी गयी थी.

- Advertisement -

Latest News

PM मोदी से आम आदमी कैसे कर सकता है बात? जाने नंबर, एड्रेस से लेकर ईमेल आईडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने लोकप्रिय हैं कि उनके सोशल मीडिया साइट्स पर करोड़ो फॉलोवर्स हैं. ऐसे में उनसे जुड़े...

अन्य आर्टिकल पढ़ें...