विशेष संसद सत्र में क्या होगा? मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक है तैयार!

ज़रूर पढ़ें

18 से 22 सितंबर तक संसद में विशेष सत्र है. 5 दिन तक चलने वाले इस सत्र में मोदी सरकार द्वारा चार बिल पास कराए जायेंगे

18 से 22 सितंबर तक संसद में विशेष सत्र है. 5 दिन तक चलने वाले इस सत्र में मोदी सरकार द्वारा चार बिल पास कराए जायेंगे. ऐसे में विशेष संसद सत्र के शुरू होने से पहले कई अटकलें लग रही है. मोदी सरकार द्वारा मंत्रियों को ख़ास निर्देश भी दिए हैं. बता दें कि सविंधान के आर्टिकल 85 के तहत विशेष संसद सत्र की बैठक का अधिकार इस्तेमाल किया जाता है. वहीँ 5 दिनों तक चलने वाला ये विशेष सत्र 17वीं लोकसभा का 13वां सत्र और राजयसभा का 261वां सत्र है.

- Advertisement -

ये चार बिल होंगे पास

31 अगस्त को संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा 5 दिनों के विशेष संसद सत्र बुलाए जाने की जानकारी साझा की गई. अब मोदी सरकार ने स्पष्ट किया है की इस सत्र में किन किन बिलों को पास किया जायेगा. इन बिलों में वो बिल भी शामिल हैं जो राज्यसभा में पास कराने के बाद लोकसभा में पेंडिंग रह गए थे. इसके अलावा वो बिल भी हैं जिन्हें मोदी सरकार द्वारा राज्यसभा में पेश कर दिया गया है हालाँकि वो मॉनसून सत्र के दौरान पेश नहीं हो पाए थे.

1. अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2023: इसके तहत मोदी सरकार ने पहले के अधिनियमों और अप्रचलित कानून खत्म करने की बात की है. इसके अलावा इस बिल में लीगल प्रैक्टिशनर्स एक्ट 1879 को ख़ारिज करने, अधिवक्ता अधिनियम 1961 में संशोधन का प्रावधान है.

2. प्रेस और आवधिक पंजीकरण विधेयक 2023: इस विधेयक का उद्देश्य समाचार पात्र और पत्रकाओं के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान करना है. इसके तहत डिजिटल मीडिया को निगरानी में रखा जायेगा.

- Advertisement -

3. डाक विधेयक 2023: ये बिल 1898 के पुराने कानूनों को ख़त्म करेगा। हालाँकि डाकघर के पास ये अधिकार आगे भी रहेगा की वो अपने विशिष्ट डाक टिकट कोजरी कर सकते हैं. बता दें कि डाक विधेयक 2023 के तहत पोस्ट ऑफिस के आकस्मिक सेवाओं के विशेषाधिकार की जगह लेगा। इसमें पत्र भेजने और उसे प्राप्त करने के साथ वितरित करने को खत्म करेगा.

4. मुख्य चुनाव आयुक्त अन्य चुनाव आयुक्त (सेवा शर्त) विधेयक 2023: इस विधेयक के तहत प्रधानमंत्री नियुक्ति के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष होंगे। पीएम के पास अधिकार होगा कि वो कैबिनेट में शामिल केंद्रीय मंत्री को इस समिति के सदस्य में शामिल कर सकते हैं. हालाँकि इस बिल की बात करें तो इसमें सबसे ख़ास ये है की लोकसभा में विपक्ष के नेता या सबसे बड़े दल के नेता भी इस समिति में शामिल हो सकते हैं.

मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक!

मोदी सरकार के कार्यकाल में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले हुए. साल 2019 में सरकार ने जम्मू कश्मीर पर चौंकाने वाला प्रस्ताव दिया. मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक पेश कर सबको चौंका दिया था. ऐसे में अब जब सरकार द्वारा 5 दिनों तक विशेष संसद सत्र बुलाया गया है तब चर्चा हो रही है की इस बार क्या नया सरप्राइज प्रस्ताव आएगा. बता दें कि 31 अगस्त को संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विशेष सत्र की जानकारी दी उसके बाद विपक्ष गुट में हलचल मच गई. वन नेशन-वन इलेक्शन, महिला आरक्षण, समान नागरिक संहिता जैसे विषयों पर चर्चा होने लगी. अनुमान लगाया जाने लगा की मोदी सरकार इस विशेष सत्र में इन बिलों को पास कराएगी, हालाँकि अबतक किसी तरीके आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई.

- Advertisement -

Latest News

अन्य आर्टिकल पढ़ें...