UCC: समान नागरिक संहिता का मतलब क्या है? भारत में क्यों हो रहा विरोध

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समान नागरिक संहिता (UCC) उत्तराखंड 2024 विधेयक को पेश करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड बन गया है. ऐसे में UCC से जुड़ें कई सवालों के जवाब लोगों के मन में उठ रहे हैं.

UCC (समान नागरिक संहिता) उत्तराखंड 2024 विधेयक को पेश करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड बन गया है. इसे देहरादून में राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पेश किया गया.

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ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि आखिर UCC है क्या? इसका मतलब क्या है? इस बिच इस कानून के खिलाफ या विरोध करने वालों का तर्क क्या है?

UCC का अर्थ और इसका पक्ष

भारतीय जनता पार्टी अपने चुनावी घोषणापत्रों में अक्सर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) यानी समान नागरिक संहिता लागू करने पर जोड़ डालती है. UCC यानी समान नागरिक संहिता का अर्थ है पूरे देश के लिये एक समान कानून.

इसके साथ ही सभी धार्मिक समुदायों के लिये विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने आदि कानूनों में भी एक जैसी स्थिति प्रदान करती है.

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UCC का विरोध क्यों है?

मुसलमानों की प्रमुख संस्था जमीयत उलेमा-ए-हिंद, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समेत अन्य इस्लामिक संगठन और कई विपक्ष के नेताओं ने UCC का अबतक विरोध किया है.

ऐसे में विरोध करने वालों का तर्क है कि इससे धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन होगा. इसके अलावा ये धार्मिक मामलों में एक तरीके हस्तक्षेप या दखलंदाजी है.

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