‘सिटी ऑफ़ ट्विंस’ कहा जाने वाला ये गांव, जहां हर घर में पैदा होते हैं जुड़वाँ बच्चे

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भारत में रहस्य्मयी गाँव की कमी नहीं है. हमारे देश में एक ऐसा गाँव है जहां सिर्फ जुड़वाँ बच्चे ही पैदा होते हैं. इस इस गाँव को सिटी ऑफ़ ट्विंस भी कहते हैं

हमारी दुनिया में कई तरह के अजीबोगरीब जगह मौजूद हैं. जो किसी रहस्य से कम नहीं है. इस दुनिया में ऐसे-ऐसे उलझे हुए रहस्य है जिनको सुलझाना बेहद मुश्किल है. अगर हम आपसे कहें की एक ऐसी जगह है जहां सिर्फ जुड़वाँ बच्चे ही पैदा होते हैं तो आपका क्या जवाब होगा? शायद आपको इस बात पर विश्वास न हो आप कहे की ऐसा कैसे हो सकता है? लेकिन आपको ये जानकर बेहद हैरानी होगी की ऐसी जगह कहीं और नहीं बल्कि भारत में ही है. जिसके इस उलझे हुए रहस्य को समझ पाना कोई आम बात नहीं.

इस गाँव का रहस्य आज तक नहीं सुलझा

कई जगहों पर जब एक साथ बहुत सारे बचे पैदा होते हैं तो हमें ये काफी दिलचस्प बात लगती है. वहीँ अगर कहीं जुड़वाँ बच्चे पैदा होते हैं तो हम इसे आम बात ही समझते हैं लेकिन अगर हम कहते हैं की एक जगह है जहां सिर्फ जुड़वाँ बच्चे ही जन्म लेते हैं और वहाँ हर एक घर में जुड़वा बच्चे रहते हैं तो इस बात को सुनकर सबको हैरानी होगी. इसीलिए आपको आज हम भारत के एक ऐसे क्षेत्र के बारे में बताएँगे जहाँ हर एक घर जुड़वाँ बच्चो की किलकारी से गूंजता है.

यहां होते हैं सिर्फ जुड़वाँ बच्चे

पूरी दुनिया में हज़ार बच्चो पर 4 बच्चे जुड़वाँ होते हैं. लेकिन जिस गाँव की हम बात करने जा रहे हैं वहाँ हज़ार बच्चों पर 45 बच्चे ट्विंस की गिनती में आते हैं. और ये गाँव है केरल के मलप्पुरम जिले में मौजूद कोडिन्ही गांव जहां लगातार जुड़वाँ बच्चे ही पैदा हो रहे हैं. रपोट के अनुसार ये दुनिया का दूसरा और एशिया का पहला ऐसा गाँव है जहां जुड़वाँ बच्चो की संख्या सबसे अधिक है. इस मामले में इस गाँव ने चीन, पकिस्तान समेत कई अन्य देशों को भी पीछे छोड़ दिया है.

जुड़वाँ लोगों की सबसे ज्यादा आबादी

केरल में स्तिथ ये कोडिन्ही गांव एक मुस्लिम गाँव है. जिसकी कुल आबादी 2000 है, जिसमे से 250 से ज्यादा लोग जुड़वाँ ही है. यदि आप इस गाँव के अंदर जाते हैं तो आपको गाँव के अंदर आते ही दूकान, बाज़ार और स्कूलों के समीप जुड़वाँ लोग देखने को मिल जाएंगे. वैसे तो विश्व में पहले नंबर पर नाइजीरिया का इग्बो-ओरा है, जहां पर हर 1000 बच्चों में से 145 जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं. लेकिन भारत का ये गाँव बहुत ही आश्चर्यजनक है. क्योंकि इस जुड़वाँ बच्चा पैदा होने के पीछे एक बड़ी रहस्य्मयी कहानी है.

क्या है जुड़वाँ बच्चे पड़ा होने का रहस्य?

इस गांव में रहने वाले लोगों ने इस जुड़वां बच्चों की कहानी के पीछे एक रहस्यमयी बात बताई है. कई लोग कहते हैं की इस गाँव के सबसे उम्रदराज 65 साल के अब्दुल हमीद और उनकी जुड़वा बहन कुन्ही कदिया एक जुड़वाँ भाई बहन थे. इसीलिए ऐसा माना जाता है की इस गांव में तभी से जुड़वां बच्चे पैदा होने शुरू हुए थे. हांलाँकि शुरुआत में सिर्फ एक-आद बचे ही यहां जुड़वाँ होते थे. लेकिन बीते 10 सालों में जुड़वाँ बच्चों की गिनती लगातार बढ़नी शुरू हो गयी.

CONTENT: NIKITA MISHRA

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