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Nisha
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कोरोना की रफ़्तार बढ़ती ही जा रही है,ऐसे में विशेष सावधानी की जरुरत है.वहीँ ठण्ड ने लोगों को इस दौरान और परेशां कर रखा है.साथ ही राज्य सरकार की तरफ से लगातार वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है. सभी से संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने की अपील की जा रही है. सरकार का कहना है कि अब तक कोरोना संक्रमण खत्म नहीं हुआ है, इसीलिए सभी को कोविड अनुरूप आचरण का पालन करना जरूरी है. वहीं वैक्सीनेशन के बाद कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत दी जा रही है.

संक्रमित मरीज़ों के संख्या की बात करें तो केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान देश में 238,018 नए मामले सामने आए हैं, 310 लोगों की जान गई है जबकि 157,421 लोग इस बीमारी से ठीक हुए है। वहीं यदि दैनिक पॉजिटिविटी दर की बात की जाए तो वो 14.43 फीसदी पर पहुंच गई है। गौरतलब है कि अब तक देश में 70.54 करोड़ कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। वहीं पिछले 24 घंटों में 16,49,143 टेस्ट किए गए हैं।

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वहीं पिछले 24 घंटे के दौरान सक्रिय मामलों की संख्या में 80,287 का इजाफा हुआ है, जिससे सक्रिय मामलों का आंकड़ा बढ़कर 17,36,628 पर पहुंच गया है। इस समय महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 271,097 मामले सक्रिय हैं, पश्चिम बंगाल में 158,623, कर्नाटक में 217,326, तमिलनाडु में 152,348 और उत्तरप्रदेश में 106,616, केरल में 122,163 मामले अभी भी सक्रिय हैं।

अगर ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों की बात करें तो आज कल के मुकाबले इसमें 8.31% की तेजी आई है. देश में ओमिक्रॉन के कुल मामले बढ़कर 8,891 हो गए हैं. अभी सोमवार को मणिपुर में बड़ी संख्या में ओमिक्रॉन के मामले मिले थे. यहां ओमीक्रोन के मामलों की संख्या बढ़कर सोमवार को 39 हो गई जबकि एक दिन पहले यह संख्या केवल सात थी. एक विज्ञप्ति में बताया गया कि राज्य के विभिन्न जिलों में कोरोना वायरस के नए स्वरूप के 32 नए मामलों का पता चला है.

वहीँ नयी जानकारी है की केंद्र सरकार ने कोविड-19 संक्रमण से मौत होने पर पारसी समुदाय के तौर-तरीकों से शवों के अंतिम संस्कार की मांग पर मौजूदा गाइडलाइंस में बदलाव ने इनकार कर दिया है. सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए कहा कि कोविड से हुई मौतों के बाद शव को सही तरीके से दफनाना या जलाना जरूरी है, नहीं तो संक्रमण के फैलने की आशंका रहेगी. कोर्ट में दाखिल याचिका में पारसी समुदाय ने अनुरोध किया था कि कोविड-19 से मरने वाले समुदाय के सदस्यों को उनकी परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी जाए, बजाय कि उनको जलाने या दफनाने की.

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