Kanhaiyalal के हत्यारों की बड़ी साजिश नाकाम, पाकिस्तानी आतंकी से जुड़े दरिंदे तैयार कर रहे थे स्लीपर सेल!

ज़रूर पढ़ें

45 दिन की ट्रेनिंग के बाद 1 फरवरी 2014 को दोनों भारत वापस आ गए थे और दोनों दावत-ए-इस्लामी और पाकिस्तान के राजनीतिक दल तहरीक-ए-लब्बैक के सम्पर्क में थे

राजस्थान समेत पूरे देशभर में अभी तनाव कि स्थिति पैदा हो गई है. सोशल मीडिया पर जोड़दार बहस छिड़ी है. राजस्थान के उदयपुर में जिस तरीके से एक दर्जी को इस्लाम के रखवाली के नाम पर गला रेता गया वो बेहद भयावह है.

- Advertisement -

उदयपुर में नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट डालने को लेकर दो मुस्लिम युवकों ने दूकान में घुसकर कन्हैयालाल साहू कि निर्मम हत्या कर दी. सोशल मीडिया पर इन हत्यारों ने मर्डर से पहले वीडियो कैप्चर किया और साफ़ कहा कि वो हत्या करने वाला है साथ हीं उसने कहा कि वो ये सब अपने उपवाले कि शान के लिए कर रहा है, इसके साथ हीं रियाज और गौस मोहम्मद नाम के आरोपियों ने हत्या के वक़्त भी वीडियो बनाया साथ हीं उसके बाद भी. यानी कुल मिलकर बेख़ौफ़ होकर इन दरिंदों ने कानून से बिना डरे हत्या को अंजाम दिया.

ऐसे में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब इन दोनों हीं आरोपियों का सीधा कनेक्शन पाकिस्तान का आतंकी संगठन दावते-ए-इस्लाम से मिला. इस मामलें में फिलहाल NIA भी हर एक एंगल से जांच में जुट गई है. दरअसल, अंदेशा पहले हीं लग गया था कि आरोपी रियाज और गौस मोहम्मद बेहद कट्टर विचार धाराओं का है जहाँ इसका सम्बन्ध किसी न किसी कट्टरवादी आतंकी लोगों से है. जिसके बाद जांच में खुलासा हो गया.

बता दें कि गौस और रियाज को लेकर NIA के सूत्रों के हवाले से जानकारी आई कि रियाज और मोहम्मद गौस मोहम्मद राजस्थान के 8 जिलों में ISIS के लिए स्लीपर सेल बना रहे थे.

- Advertisement -

बता दें कि कन्हैयालाल साहू के हत्यारों के बारे में एक और बड़ा खुलासा तब हुआ जब बात सामने आई कि गौस और रियाज दोनों ने दावते-ए-इस्लाम के ऑनलाइन साइट्स किया चीजे सीखी हैं. जहाँ वहीँ से कई प्रशिक्षण भी लिया गया.

रिपोर्ट्स अनुसार कराची में उन्हें आतंकी संगठनों ने ट्रेनिंग दी. 45 दिन की ट्रेनिंग के बाद 1 फरवरी 2014 को दोनों भारत वापस आ गए थे और दोनों दावत-ए-इस्लामी और पाकिस्तान के राजनीतिक दल तहरीक-ए-लब्बैक के सम्पर्क में थे.

आरोपी इतने खूंखार और ख़तरनाक थे कि इनके खिलाफ एक और अहम् साबुत मिले है जिसमे पता चला कि उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, टोंक, बूंदी, बांसवाड़ा,जोधपुर जिलों में धर्म के नाम पर युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहे थे.

यहां दोनों जिस संगठन से जुड़े थे वो दरअसल वो पहले भी भारत के धर्मान्तरण मामलें में संदिग्ध रहा है, और यहां गरीब और बेरोजगार युवाओं को उकसाकर स्लीपर सेल बनाते थे.
आशंका तौर पर कहा जा रहा है कि ये स्लीपर सेल ISIS के लिए बनाए जा रहे थे. इसके लिए अरब देशों से फंडिंग भी की गई.

बता दें कि रियाज और गौस मोहम्मद फंडिंग के लिए 2014 और 2019 में सऊदी अरब और 2017-18 में नेपाल गए थे. ये खूंखार दरिंदे सऊदी अरब में दावते-ए-इस्लाम संगठन से जुड़े सलमान और अबू इब्राहिम के लगातार सम्पर्क में थे.

जानकारी अनुसार दोनों आरोपियों ने करौली, जोधपुर, भीलवाड़ा के बाद उदयपुर में दंगा भड़काने के लिए कन्हैयालाल का मर्डर किया. रिपोर्ट्स अनुसार साल 2014 में दोनों 30 लोगों के साथ पाकिस्तान के कराची में गए थे जहाँ उन्होंने ट्रेनिंग ली.

यहां अहम् बात जो गौर करने वाली वो ये कि दोनों आरोपियों के साथ उदयपुर के हीं रहने वाले वसीम अख्तरी और अख्तर राजा भी थे. आशंका लगाई जा रही है कि कन्हैयालाल साहू के हत्यारों को लेकर जैसे जैसे नए मोड़ आ रहे हैं, उसपर कहा जा रहा है की जल्द हीं शहर के कुछ इलाकों से ऐसे और लोग निकलेंगे.

- Advertisement -

Latest News

PM मोदी से आम आदमी कैसे कर सकता है बात? जाने नंबर, एड्रेस से लेकर ईमेल आईडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने लोकप्रिय हैं कि उनके सोशल मीडिया साइट्स पर करोड़ो फॉलोवर्स हैं. ऐसे में उनसे जुड़े...

अन्य आर्टिकल पढ़ें...