Gyanvapi Masjid: सुप्रीम कोर्ट का सुप्रीम फैसला, मामला जिला अदालत में ट्रांसफर

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हम निचली अदालत के लिए निर्देश दे सकते हैं. इस मामले को जिला जज के पास भेजा जाए. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिला जज के पास 25 साल का अनुभव है

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में आज यानी 20 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और ज्ञानवापी मस्जिद मामले को वाराणसी की सिविल कोर्ट से डिस्ट्रिक्‍ट कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार दोपहर को सुनवाई के दौरान कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है.

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SUPREME COURT

यहां कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि मामले को उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के वरिष्ठ और अनुभवी न्यायिक अधिकारी सुनें.

यहां आपको जानकारी दें दें की शीर्ष अदालत की सुनवाई के पहले वाराणसी ज्ञानवाई मस्जिद में तय संख्या से कई ज्यादा नमाजी पहुंचे.

GYANVAI MASJID CONTROVERSY

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नमाज से करीब एक घंटा पहले ही मस्जिद भर गई.

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बताया गया कि वहां नमाजियों को अब एंट्री नहीं दी गई, जबकि बाहर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई.

हालांकि जहां रोज करीबन चार सौ नमाजी ज्ञानवापी मस्जिद पहुंचते थे, वहीं आज 20 मई के दिन जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी उसी दिन लगभग 1200 नमाजी पहुंचे जो अपने आप में एक बड़े मुद्दे को जन्म देता है.

आपको बता दें की आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में जहां एक तरफ जिला अदालत को आगे की सुनवाई करने का आदेश दिया गया है वहीं शीर्ष अदालत ने मीडिया में सर्वे की रिपोर्ट साझा होने पर नाराजगी जताई.

जहां वाराणसी कोर्ट में ज्ञानवापी परिसर की वीडियो सर्वे रिपोर्ट पेश की गई थी और कुछ ही घंटे यह रिपोर्ट कथित तौर पर सार्वजनिक भी हो गई. उसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति भी जताई.

VARANASI GYANVAPI MASJID

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में अहम बातें

-शीर्ष अदालत ने आदेश में कहा कि दीवानी अदालत मामले की सुनवाई 8 हफ्ते में पूरी करे. अदालत की ओर से आदेश दिया गया है कि 17 मई का आदेश 8 हफ्तों तक जारी रहेगा. अब इस मामले की सुनवाई गर्मी के छुट्टियों के बाद जुलाई के दूसरे हफ्ते में की जाएगी.

-जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुनवाई करते हुए पहली टिप्पणी की और कहा कि हम निचली अदालत के लिए निर्देश दे सकते हैं. इस मामले को जिला जज के पास भेजा जाए.
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिला जज के पास 25 साल का अनुभव है.

-ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि भाईचारा और शांति सबसे ऊपर होनी चाहिए.

-सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज से कहा कि वाराणसी की अदालत दस्तावेजों के हस्तांतरण को लेकर हिंदू पक्ष द्वारा दायर दीवानी वाद पर पहले सुनवाई करेगी.

-कोर्ट की तरफ से कहा कि ‘शिवलिंग’ क्षेत्र की सुरक्षा और मुसलमानों को नमाज अदा करने की अनुमति से संबंधित पहले के निर्देश लागू रहेंगे.

-शीर्ष अदालत ने ने वाराणसी के जिलाधिकारी को ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज अदा करने वाले मुसलमानों के लिए ‘वजू’ की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

-अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद समिति की याचिका पर आगे की सुनवाई जुलाई में निर्धारित की.

-वहीं, मुस्लिम पक्ष ने वाराणसी कोर्ट के आदेश को निरस्त करने की मांग की है. कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि तथ्य सुनिश्चित करना सेक्शन 3 का उल्लंघन नहीं है. ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी की जिला अदालत सुनवाई करेगी.

-सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा, चुनिंदा लीक बंद होने चाहिए. प्रेस में बातें लीक हो रही हैं. इसे कोर्ट में जमा करना था.
कोर्ट इसे खोले, हमें जमीन पर संतुलन और शांति की भावना की जरूरत है. एक हद तक हीलिंग टच की जरूरत है. हम देश में संतुलन की भावना को बनाए रखने के लिए एक संयुक्त मिशन पर हैं.

KASHI VISHWNATH TEMPLE-GYANVAPI MASJID

गौरतलब है की इससे पहले सिविल कोर्ट को निर्देश दिए थे की ज्ञानवापी मस्जिद मामले की कार्यवाही को वो शुक्रवार तक आगे न बढ़ाए.
वहीं 20 मई को शीर्ष अदालत का निर्देश मिलने के बाद वाराणसी की अदालत ने फैसला किया कि अब मामले की अगली सुनवाई 23 मई को होगी.

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