डिलीवरी के बाद तोंद को इन उपायों से करें कम, जल्द दिखेगा फर्क

माँ बनने के बाद अक्सर महिलायें बढे हुए पेट से परेशान होती हैं. पेट को अंदर करने के लिए इस लेख में सुझाव है जो कारगर साबित हो सकता है

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं का वजन बढ़ जाता है. हालाँकि माँ बनने के बाद भी ज्यादातर महिलायें इस परेशानी से जूझने लगती है. एक तरफ बच्चे का ध्यान रखना और खुद का भी ख्याल रखना एक चुनौती बन जाती है. ऐसे में महिलायें अपने रोजमर्रा की ज़िंदगी में इस बात से चिंतित रहती हैं की उनका फिगर बिगड़ चूका है.

पेट को अंदर करने के लिए कोई सुझाव नहीं मिलता. इसलिए इस लेख में आपको कुछ आसान तरीके बताएंगे जिससे आपका पेट अंदर चला जायेगा और आप पहले की तरफ सुडौल सकती हैं.

फुले पेट को इन उपायों से करें कम

प्रेग्नेंसी के बाद महिलायें अक्सर जिम का सहारा लेती हैं. ऐसे में बच्चे का ध्यान रखने के बिच महिलायें जिम में रेगुलर नहीं हो पाती. ऐसे में कुछ घरेलु उपायों से महिलायें अपने पेट की चर्बी ख़त्म कर सकती हैं.

डाइट

माँ को हमेशा अपने डायट का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। प्रेगनेंसी के दौरान महिलाएं ध्यान देती हैं लेकिन बाद में वो नजरअंदाज कर देती है. मां के दूध बनने में शरीर 500 कैलोरी खर्च करता है. ऐसे में माँ अपने शरीर को रोजाना 2500 कैलोरी की जरूरत पड़ती है. इसी को देखते हुए प्रेगनेंसी के बाद खाने का पोषण और डायट रोजाना जरुरी होता है.

दालचीनी का पानी

प्रेगनेंसी के बाद महिलाओं को दालचीनी के पानी का सेवन करना चाहिए। एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर डालकर मिला लें. इस पानी को छन्नी से छानकर पिएं. ये काफी फायदेमंद होगा.

रोजाना पिएं ग्रीन टी

वजन कम करने के लिए ग्रीन टी काफी हेल्पफुल होता है. रोजाना अपने डायट में ग्रीन टी शामिल करने से चर्बी काम करने में मदद मिलती है. माँ बनने के बाद महिलाओं को ग्रीन टी पिने से फाइट बर्न होगा. इसके अलावा इससे आफका मेटाबोलिज्‍म भी बढ़ता है.

पेट की करें मालिश

फुले हुये पेट पर मालिश करने से भी महिलाएं खुद को मेंटेन कर सकती हैं. पेट की शेप ठीक को अंदर करने के लिए नियमित मालिश करनी चाहिए. मालिश करना पेट की चर्बी कम करने में मददगार साबित होता है.

योग है रामबाण इलाज

शरीर में ब्लड सर्कुलेशन, फैट कम करने के साथ साथ फिट रहने के लिए महिलाओं को तीन ख़ास योग करने चाहिए. माँ बनने के बाद महिलाओं को उष्ट्रासन, शवासन और नौकासन करना चाहिए.

लेख में दी गई सभी जानकारी डॉक्टर्स से परामर्श कर ही अपनाएं.