Punjab में Bhagvant Maan ने लिया मुख्यमंत्री की शपथ, सामने होंगी 5 बड़ी चुनौतियां

ज़रूर पढ़ें

पंजाब चुनाव जितने के बाद राज्य में रोजगार के अवसर दिए जायेंगे. ताकि रोजगार के लिए पंजाब के युवा विदेश की ओर रुख ना करे

16 मार्च 2022 का दिन पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा, मुख्यमंत्री के तौर पर पंजाब के 17वें सीएम भगवंत बने.

- Advertisement -

ऐसे में नए नवेले मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी के दावे के लिए सबसे बड़ी चुनौतियाँ आ गई है.

पंजाब में आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत से जीत हासिल की, 92 सीट जीतकर आप ने कमाल किया.

पर इन सब में जहाँ जनता ने बदलाव की आंधी में आप को समर्थन दिया है तो, वहीँ चर्चा हो रही है की क्या भगवंत मान पंजाब की सत्ता पर बैठने के बाद पंजाब का कुछ भला कर पाएंगे या फिर उनके सारे चुनावी वादे फेल हो जायेंगे.

- Advertisement -
PUNJAB CM BHGEWANT MANN

आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के जीत के बाद भगवंत मान ने पंजाब में मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली और कहा की आज से ही काम करना शुरू करना होगा. क्योंकि बहुत देर हो चुकी है. पहले ही 70 साल पीछे चल रहे हैं.

चुनावी दावों में आम आदमी पार्टी ने कहा था कि इस बार पंजाब में 18 साल ऊपर की महिलाओं को हर माह एक हजार रुपए देने का वादा किया गया है.

इसके साथ ही तीन सौ युनिट बिजली मुफ्त में दी जाएगी। लैंड माफिया, माइनिंग माफिया पर रोक लगाने समेत भ्रष्टाचार खत्म करने पर भी आप ने दावें किये थे.

ऐसे में इनके अपने चुनावी वायदे पर 5 ऐसे चुनैतियाँ सामने हैं, जहाँ साफ़ तौर सरकार के लिए सबसे बड़ी समस्या मानी जा रही है.

KEJRIWAL-BHAGWANT

1. पंजाब के अंदर ड्रग्स को जड़ से खत्म करना है.

पंजाब के अंदर ड्रग्स के मामले दिन ब दिन बढ़ते जा रहे हैं, खासतौर पर युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं. यहां नशा पंजाब में सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है.

आम आदमी पार्टी और पंजाब के ने नवेले मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए नशा छुड़ाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। चुकी राज्य में ड्रग्स का एक बाजार बर्बादी का रास्ता पकड़ चूका है.

आप का चुनाव में वायदा था की पार्टी पंजाब के अंदर नशे की समस्या को जड़ से खत्म कर देगी। नशा माफियाओं पर नकेल कसी जाएगी। जिसकी वजह से युवा पीढ़ी को नशे से बचाया जा सके.

हालाँकि आम आदमी पार्टी से पहले बाकि अन्य पार्टियों ने भी नशा को राज्य से खत्म करने के दावे कर चुकी है. ऐसे में सीएम भगवंत मान इसमें कितना कामयाब हो पाते हैं देखना दिलचस्प होगा.

ARVIND KEJRIWAL AND BHAGWANT MANN

2. पंजाब में युवाओं को रोजगार देना और उन्हें विदेश जाने से रोकना.

पंजाब में बीते कई सालों से युवा बाहरी देशों का रुख कर रहे हैं, आलम ऐसा है कि राज्य के गांव में 21 से 35 साल के बिच के उम्र वाले नौजवान बेहद कम नजर आते हैं.

रोजगार की तलाश में पंजाब के यहीं युवा बड़ी संख्या में विदेश जाने पर जोड़ डालते हैं. परिस्थितियां ऐसी है कि ज्यादातर गांव में सिर्फ बुजुर्ग ही नजर आतें हैं.

यहां विधानसभा चुनाव के प्रचार प्रसार के दौरान आम आदमी पार्टी ने वायदा किया था कि पंजाब चुनाव जितने के बाद राज्य में रोजगार के अवसर दिए जायेंगे. ताकि रोजगार के लिए पंजाब के युवा विदेश की ओर रुख ना करे.

BHAGWANT MANN

3. स्कूली शिक्षा

दिल्ली में आदमी पार्टी की तरफ से एजुकेशन सिस्टम को लेकर दावे होते हैं कि, आप ने राष्ट्रीय राजधानी में काफी सुधार किया है.

ऐसे में दिल्ली मॉडल की तरह पंजाब में भी शिक्षा स्तर पर बेहतरीन पहचान दिलाने को लेकर आप ने हर बार चुनावी मैदान में दावे किये हैं.

हालाँकि भगवंत मान ने आज भी सपथ लेकर उस बात को कि हम सरकारी स्कूलों को इस तरह से विकसित करेंगे लोग सेल्फी लेंगे.

ऐसे में भगवंत मान जो 16 मार्च को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है, तो जाहिर तौर पर पंजाब के उन सभी दावों पर बात होगी छुई चुनौतियाँ बेहद कठिन है.

AAP PARTY

4. कृषि में बदलाव

पंजाब के अंदर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के लिए कृषि में बदलाव को लेकर चुनौती है.

आप के चुनावी वादों पर गौर फरमाएं तो भगवंत मान कहते हैं कि पंजाब के लोग खेती मजबूरी में करते हैं.

जब कोई रोजगार नहीं तो चलो खेती करते हैं। हम इस सिस्टम को बदलना चाहते हैं। अभी तक पंजाब में कोई एग्रीकल्चर पॉलिसी नहीं है.

पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के पास फंड की कमी है। एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को जिंदा करना होगा.

जी हाँ ये सभी वादों पर आप ने पक्का वादा कर तो दिया है की, कृषि पर पंजाब को बाकी अन्य पार्टियों और राज्यों से सौगात देंगे, लेकिन ये दावे मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी सक्षम होगी या नहीं आने वाले दिनों में पंजाब की जनता के सामने साफ़ हो जायेगा.

PUNJAB CM

5. स्वास्थ्य समस्या

किसी भी राज्य के लिए स्वास्थ्य उन मुद्दों में अहम् हैं जहाँ राज्य की जनता उम्मीद करती है की वो कमसे काम बेहतर हो.

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली माडल की तरह यहां स्वास्थ्य सेवाओं को विकसित करने का पक्का वादा चुनावी प्रचार के दौरान कर दिया था.

जहाँ कहा गया था कि पंजाब में हेल्थ के लिए बहुत काम करने की जरूरत है. यहां का हेल्थ सेक्टर पिछड़ा हुआ है.

इस सभी चुनातियाँ से उभारना किसी भी पार्टी के लिए आसान नहीं होगा, ऐसे में पहली बार पंजाब के अंदर सरकार बनाने वाली आम आदमी पार्टी के लिए ऐसे सभी चुनातियाँ दोगनी हो चुकी है.

राज्य की जनता ने जिस तरीके भगवंत मान पर भरोसा दिखाया उससे उम्मीद किया जा सकता है कि, वो पंजाब के बेहतरी पर काम करें.

- Advertisement -

Latest News

अन्य आर्टिकल पढ़ें...