PM Modi की पटना रैली थी PFI के निशाने पर, NIA ने किया बड़ा खुलासा

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केरल (Kerala) से PFI के मेंबर शफीक पैठ की भी गिरफ्तारी हुई जिसमे चौंकाने वाला खुलासा आया जिसका सीधा कनेक्शन पटना (Patna) में PFI के ठिकाने से हुये है. पटना (Patna) से गिरफ्तार संदिग्ध मो. जलालुद्दीन ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से अपने संबंध की बात को कबूल किया था. इसके साथ हीं अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच में पाया है की जुलाई में होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की रैली PFI के निशाने पर था. अगर संदिग्ध पकड़े ना जाते तो शायद कुछ बड़ी अनहोनी हो सकती थी

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) हमेशा हीं उन लोगों के निशाने पर रहे जो देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त होते हैं. जुलाई 2022 में पटना (Patna) में एक PFI कनेक्शन सामने आया था. ऐसे में मौजूदा समय में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की PFI पर जोड़दार कार्यवाई चल रही है. PFI के कई ठिकानों पर अबतक छापेमारी हो चुकी है जबकि 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई. यहां केरल से PFI के मेंबर शफीक पैठ की भी गिरफ्तारी हुई जिसमे चौंकाने वाला खुलासा आया जिसका सीधा कनेक्शन पटना (Patna) में PFI के ठिकाने से हुये है. पटना (Patna) से गिरफ्तार संदिग्ध मो. जलालुद्दीन ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से अपने संबंध की बात को कबूल किया था. इसके साथ हीं अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच में पाया है की जुलाई में होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की रैली PFI के निशाने पर था. अगर संदिग्ध पकड़े ना जाते तो शायद कुछ बड़ी अनहोनी हो सकती थी.

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PFI के निशाने पर थी पीएम मोदी की रैली

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केरल से गिरफ्तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के मेंबर शफीक पैठ से पूछताछ की है. शफीफ पैठ ने NIA को बताया है कि उनके निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की पटना (Patna) रैली थी. शरीफ के मुताबिक PFI लीडर रैली के दौरान माहौल बिगाड़ना चाहते थे. इसके लिए बकायदा बैनर- पोस्टर भी बनाए गए थे.

एक साल में आएं 120 करोड़ रूपए

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शरीफ के मुताबिक PFI लीडर रैली के दौरान माहौल बिगाड़ना चाहते थे. NIA की ओर से की गई पूछताछ में शफीक ने बताया कि इसी साल 12 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की पटना (Patna) में रैली थी. ये रैली PFI के टारगेट पर थी, जाँच के दौरान पता चला है कि PFT के एकाउंट में एक साल में करीब 120 करोड़ रुपये आए थे. इसके साथ ही जितना पैसा अकाउंट में जमा किया गया था उससे दोगुना रुपया कैश के रूप में एकत्र किया गया था.

NIA की जांच में ये भी जानकारी मिली है कि ये करोड़ों रुपये की रकम न सिर्फ हिंदुस्तान के अलग-अलग शहरों से, बल्कि विदेशों से भी एकत्र की गई थी. इस पैसे का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में किया जा रहा था.

NIA ने की बड़ी कार्यवाई

इस एक्शन के दौरान देशभर के कई हिस्सों से 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां केरल से हुई थी. केरल (Kerala) से 22 लोगों को NIA ने गिरफ्तार किया गया था. पीएफआई (PFI) ने अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए पहले ही कई संगठन तैयार कर लिए थे. जिनके जरिए देश में अपने एजेंडे को जारी रखने के लिए PFI ने पूरा प्लान बनाया था. हालांकि इसकी भनक जैसे ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को लगी तो उन्होंने इसका भंडाफोड़ कर दिया. जहाँ एक के बाद एक गिरफ्तारियां हुई.

जानकारी के मुताबिक पीएफआई (PFI) ने एक या दो नहीं बल्कि आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे संगठन तैयार किए हैं. आंतरिक सुरक्षा कार्यालय के हाई लेवल दस्तावेजों के अनुसार इन संगठनों को सरकारी एजेंसी के प्रतिबंध से बचने और आतंकी ने फैलाने के लिए तैयार किया गया है.

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