आदिपुरुष में क्यों दिए गए गलत डायलॉग्स? लेखक मनोज मुन्तशिर ने तोड़ी चुप्पी

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महीनों से आदिपुरुष फिल्म का इंतज़ार था, वो फिल्म अब रिलीज़ तो हो गयी है लेकिन ये विवादों से बुरी तरह घिर चुकी है. जिसको लेकर मनोज मुन्तशिर का बड़ा बयान सामने आया है

महीनों से जिस फिल्म का इंतज़ार था, जिसके लिए अच्छी अपेक्षा लगाकर हम बैठे थे वो फिल्म रिलीज़ तो हो गयी है लेकिन विवादों से बुरी तरह घिर चुकी है. जी हाँ हम बात कर रहे हैं फिल्म आदिपुरुष की. जिसमें 600 करोड़ बजट लगाने के बाद भी फिल्म की हर तरफ निंदा ही की जा रही है. आदिपुरुष को लेकर रामायण के फैंस को खूब उम्मीदें थी. जो अब टूट चूका है. वैसे तो ये फिल्म अपने फर्स्ट डे के कलेक्शन से हिट साबित हुई, लेकिन भारत की जनता के दिलों में ये फिल्म फ्लॉप साबित हो रही है.

डायलॉग्स नहीं आये लोगों को पसंद

फिल्म आदिपुरुष के स्टार्स की बात करें तो इसमें प्रभास (Prabhas), सैफ अली खान(Saif Ali Khan), कृति सेनोन(Kriti Sanon), सनी सिंह (Sunny Singh) जैसे दिग्गज कलाकार थे. आदिपुरुष एक बड़ी बजट फिल्म थी. ये 16 जून को रिलीज़ हुई. फिल्म के फर्स्ट डे, फर्स्ट शो के टिकट के लिए भारी मात्रा में लाइने लगी हुई थी. हर व्यक्ति 90 के दशक में रामानंद सागर (Ramanand sagar) द्वारा निर्मित रामायण को पुनः स्मरण करने के लिए आदिपुरुष देखने आये थे. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. बता दें की फिल्म में किरदारों को डायलॉग्स दिए गए, जो संवाद लिखे गए वो निंदनीय थी. और लोगों को बिलकुल भी पसंद नहीं आयी.

हनुमान जी के डायलॉग्स दिखे छपरी!

फिल्म आदिपुरुष को देखने के बाद हर जगह इस फिल्म के लेखक और डायरेक्टर ट्रोल किये जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर तो #बॉयकॉटआदिपुरुष का टैग ट्रेंड करने लगा है. बता दें की सबसे ज़्यादा बवाल तो इस बात पर मचा हुआ है की भगवान् हनुमान जी को अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है. जहां हनुमान जी हुए नज़र आये की “कपड़ा तेरे बाप का, तेल तेरे बाप का…. और जलेगी भी तेरे बाप की” इस डायलॉग्स को सुनने के बाद हर तरफ हनुमान जी के इस डायलॉग्स को छपरी बताकर विवाद खड़ा किया जा रहा है.

मनोज मुन्तशिर ने जानबूझकर लिखे थे ये डायलॉग !

आदिपुरुष को लेकर लगातार मच रहे बवाल को लेकर देखते हुए, इस फिल्म के लेखक एक इंटरव्यू में सफाई देते हुए नज़र आ रहे हैं. मनोज मुन्तशिर (Manoj Muntashir) कहा है की उन्होंने ये डायलॉग्स जानबूझकर लिखे हैं. मनोज मुन्तशिर (Manoj Muntashir) ने कहा की “मुझे लगता है अगर बात होनी चाहिए तो हमें भगवान श्रीराम के जो संवाद है, उसके बारे में भी बात करनी ही चाहिए. वो कहते हैं हमें मां सीता के संवाद पर भी ध्यान देना चाहिए जब वो अशोक वाटिका में बैठकर रावण को चुनौती देती हैं कि “रावण तेरी लंका में अभी इतना सोना नहीं है कि जानकी का प्रेम खरीद सके” इसके बारे में बात क्यों नहीं हो रही. सिर्फ हनुमान जी के डायलॉग्स ही क्यों देखे जा रहे हैं.

मनोज मुनतशिर ने बताया ऐसे डायलॉग क्यों लिखे गए?

हनुमान जी के डायलॉग पर लेखक ने कहा है की “बजरंग बली के डायलॉग एक प्रोसेस से गुजरे हैं, हमने इन्हें बहुत सिंपल रखा है. उन्होंने कहा की “एक फिल्म में कई किरदार हैं तो हर कोई एक भाषा में तो नहीं बात कर सकता है, ऐसे में कुछ अलग होना जरूरी है, इसलिए इसे इस तरह के डायलॉग लिखा गया है. मनोज मुन्तशिर (Manoj Muntashir) अपनी सफाई पेशकश करते हुए आगे कहते हैं की “में एक छोटे से गाँव से हूँ. हमारे यहां दादी-नानी इसी भाषा में कथा सुनाया करती थी. यह जो डायलॉग, जिसका जिक्र किया गया वो इस देश के बड़े-बड़े संत और इस देश के बड़े-बड़े कथावाचक भी ऐसे ही बोलते हैं, जैसे मैंने लिखा है. उन्होंने कहा की वो पहले नहीं है जिन्होंने ऐसा लिखा है. पहले भी ऐसा हो चूका है.

CONTENT: NIKITA MISHRA
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