30 की उम्र पार होते ही छोड़े ये आदतें,  बुढ़ापे में होगा बहुत पछतावा

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30 की उम्र आते-आते हम अपने मंजिल और जिम्मेदारियों की ओर इस कदर बंध जाते हैं की कई बार हम ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनसे हमें बाद में पछतावा होता है

हर व्यक्ति अपने जीवन में उम्र के कठिन से कठिन पड़ावों का सामना करता है. फिर चाहे वो बचपन का हो या फिर बुढ़ापे का. कई बार हम इस भागदौड़ की दुनिया में इस कदर उलझ जाते हैं की हमे अपने आने वाले कल का कोई ख्याल ही नहीं रहता. हमारे जीवन में हमे उम्र के कई उन पन्नों को खोल कर पढ़ना होता है जिसे हम पढ़ना भी नहीं चाहते. जैसे बुढ़ापे का वो सफर जब हम अपने आखिरी वक्त पर पुरानी यादों को सोचकर ताजा करते हैं. कई बार 60, 70 की उम्र आते आते हमे खुशी मिलती है की हमने इन 6,7 दशकों को बेफिक्र होकर देखा है. पर कई बार हम इस उम्र में खुदको कोसने लगते हैं की हमने अपनी जवानी में कुछ आदतों को क्यों नहीं छोड़ा.

ये आदतें तुरंत छोड़े

आदतें वो होती है जिसे हम किसी पढ़ाई या फिर किसी जॉब में नहीं सीखते. ये हालातों के अनुसार खुद ही बदल जाती हैं. हम अपने बचपन को खेल-कूद में बिताते हैं तो वहीं जवानी को अपनी जिंदगी जीने के लिए. उम्र का हर पड़ाव हमे सिखाता है की हमे किस तरह जीना चाहिए? क्योंकि इस व्यस्त दुनिया में हम खुदको इतना व्यस्त कर लेते हैं की हमे अपने आस पास घट रही किसी भी घटना का कोई अनुभव ही नहीं हो रहा होता.

30 की उम्र आते आते हम अपने मंजिल और जिम्मेदारियों की ओर इस कदर बंध जाते हैं की कई बार हम ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनकी वजह से हम अपनी ज़िंदगी कभी जी ही नहीं पाते और अपने बुढ़ापे में खुदको कोसने लगते हैं. आज हम आपको बताएंगे की वो कौन-से काम हैं जो हमे 30 की उम्र के बाद नहीं करना चाहिए.

दूरियां न बनाए

काम की आड़ में हम इतने व्यस्त हो जाते हैं की अपने सभी रिश्तों को भूल जाते हैं. को हैं उस वक्त तो अच्छी लगती है लेकिन ये हमारे आने वाले कल के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं रहती. हर इंसान को उतार चढ़ाव देखना पड़ता है. कई बार हमारी ज़िंदगी में कुछ ऐसे पल होते हैं जिन्हे संभालना हमारे खुद के बस की बात नहीं होती. भले हम कितनी भी तरक्की कर लेते हैं लेकिन एक वक्त पर हम इतने अकेले रह जाते हैं की जब हम किसी को खुदके लिए ढूंढते हैं  तो हमारे इर्द गिर्द कोई नहीं रहता की उसे हम अपने दिल का हाल बता पाएं. इसीलिए 30 की उम्र के बाद तरक्की के रेस में इतने अंधे नहीं हो जाना चाहिए की आप लोगों से दूरियां बनाने लग जाएं.

सपनों को न छोड़े

कई बार 30 की उम्र को पार करने के बाद अपने सपने को पूरा करने के बारे सोचना छोड़ देते हैं. कई लोगों को लगता है की अब उनकी सही उम्र नहीं है सपनो को सच करने की. लेकिन आपको बता दें की सपनो को पूरा करने की कोई उम्र या सीमा नहीं होती. इसीलिए उम्र के इस पड़ाव पर कभी भी अपने सपने को चोदना नहीं चाहिए.

बुरी आदतों से पाए छुटकारा

उम्र के हिसाब से हमें कई बुरी आदतों की लत लग जाती है. जो हमारे सेहत के लिए काफी हानिकारक होते हैं. 30 के बाद ज्यादा फास्ट फूड, मदिरा, धूम्रपान आपको समय से पहले ही बूढ़ा दिखाने लगती है. इन आदतों को समय से पहले ही छोड़ देना चाहिए. ताकि हम स्वस्थ और तंदुरुस्त रहे. 

अपना मन पसंदीदा काम करे

जिंदगी भर हम रिस्ट्रिक्शन और नियमों से ही घिरे रहते हैं. जन्म लेते ही हमारे पैरेंट्स हमारे भविष्य के बारे में सोच लेते हैं की हम आगे क्या करेंगे. और हम दबावों में आकर वो काम करने लगते हैं जो हमे पसंद न हो और हम उसमे माहिर न हो. कई बार इन कामों को करके हम खुश होने का दिखावा तो कर लेते हैं लेकिन अंदर ही अंदर हमे सेटिस्फेक्शन यानी की इन कामों को करके हमारा मन नहीं भरता. इसीलिए हमेशा वही काम करना चाहिए जो आपको सही लगे आपको पसंद आए ताकि आप वो काम करके खुदको संतुष्टि de पाएं और अपने भविष्य को उजागर कर पाएं.

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