चंद्रयान-3 के लिए कहीं हवन-पूजा तो कहीं नमाज? जानें विक्रम लैंडिंग से जुडी ये 10 बातें

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चंद्रयान 3 की सॉफ्ट लैंडिंग के लिए देशभर में पूजन-हवन और दुआ की जा रही है. आज शाम 6:04 मिनट पर भारत इतिहास रच सकता है

भारत का मून मिशन चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) पर पूरी दुनिया भरोसा जाता रहा है. साउथ पोल की सतह पर भारतीय झंडा बहुत जल्द लहराने जा रहा है. चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) आज शाम 6:04 मिनट पर सॉफ्ट लैंडिंग सफलतापूर्वक हो जाती है, तो भारत इतिहास रच देगा.दुनिया में अबतक ऐसा कोई देश नहीं है जिसने चन्द्रमा के साउथ पोल के सतह पर कदम रखा है. चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) इसी साउथ पोल पर लैंड करने के लिए तैयार है. ऐसे में हर तरफ से प्राथना और दुआओं का दौर जारी है.

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2019 में चंद्रयान 2 की असफलता के बाद से ISRO ने चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) में कई आधुनिकता को बढाकर ये साबित कर दिया है कि भारत रुकने वाला नहीं है. वहीँ विक्रम लैंडर की ऐसी कई खास बातें हैं जिसके कारण ये बात कही जा रही है की भारत चन्द्रमा के सतह पर बिना किसी फेलियर के पहुँच जायेगा.

चंद्रयान 3 के लिए प्रार्थना और दुआ

भारत से लेकर अमेरिका तक चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) के लिए लोग उत्साहित हैं. सभी धर्म अपने अपने पूजा पद्धति से ISRO के विक्रम लैंडिंग के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. अमेरिका के बालाजी मंदिर में भी चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) के लिए खासतौर पर भारतीय समुदाय के लोगों ने पूजन किया.

इसके अलावा वाराणसी में काशी के घाटों पर महाआरती की गई. चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) की सफल और सॉफ्ट लैंडिंग के लिए उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी महादेव की भस्म आरती हुई. इसके अलावा लखनऊ के इस्लामिक सेंटर में नमाजियों ने विक्रम लैंडिंग की सफलता के लिए नमाज पढ़ा. वहीँ देश के अलग अलग हिस्से में हवन किये जा रहे हैं.

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चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) लिए अजमेर शरीफ के दरगाह पर विशेष दुआ पढ़ी गई है. वहीँ उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर से लेकर महाराष्ट्र के मंदिरों में भी प्राथना और पूजन हवन के लिए श्रंद्धालुओं का तांता लगा हुआ है.

वर्चुअली जुड़ेंगे प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 से 24 अगस्त तक आयोजित 15वें शिखर सम्मलेन में शामिल होने एक लिए जोहानिसबर्ग पहुंचे हैं. ऐसे में पीएम मोदी दक्षित अफ्रीका से चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) के इवेंट में वर्चुअली शामिल होंगे.

चंद्रयान-3 की सफलता और उससे जुडी ख़ास बातें

1. चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) चन्द्रमा के साउथ पोल में प्रवेश करता है तब विक्रम लैंडर पृथ्वी से 3.84 लाख किलोमीटर का सफर तय कर इतिहास रच देगा.

2. 23 अगस्त को शाम 5:30 मिनट से विक्रम लैंडिंग (Chandrayan-3) का लाइव इवेंट शुरू किया जायेगा.

3. विक्रम लैंडर (Chandrayan-3) चंद्रमा पर उतरने से दो घंटे पहले स्थितियों का आकलन करेगी लैंडर का मॉड्यूल और चन्द्रमा की स्थितियों के आधार पर तय होगा की चंद्रयान 3 सतह पर उतरेगी या नहीं.

4. दो घंटे पहले से चल रही मॉनिटरिंग में दिक्कत देखी जाती है तो ऐसी परिस्थिति में चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) की लैंडिंग 27 अगस्त को कराइ जा सकती है.

5. ISRO के बेंगलुरु में स्थित टेलीमेट्री एंड कमांड सेंटर (इस्ट्रैक) के मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लैक्स (मॉक्स) में लगभग 50 से ज्यादा वैज्ञानिक और आधुनिक कम्प्यूटर पर चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) से जुड़ी हर जानकारी का आकलन किया जा रहा है. यहीं से मॉनिटरिंग हो रही है साथ हीं सारे इनपुट पर वैज्ञानिकों की बीते रात से नजर है.

6. चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) के आखिरी 19 मिनट मुश्किल भरे रहेंगे. यही वो समय है जब परिस्थितियों पर ISRO वैज्ञानिक ख़ास तौर पर मॉनिटरिंग करेंगे.

7. चन्द्रमा पर चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) की लैंडिंग शुरू होते समय गति 6,048 किमी/घंटा होगी.

8. चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) का लैंडर जब चन्द्रमा की सतह को छुएगा तब इसकी स्पीड 10 किमी/घंटे से भी काम हो जायेगा.

9. चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) जब चन्द्रमा को छुएगा तब ऐसे में ISRO कमांड सेंटर इसे ऑपरेट नहीं कर पायेगा. यहां लैंडर अपने कंप्यूटर के कमांड को फॉलो करते हुए जगह का चुनाव करेगा.

10. चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) के चाँद पर उतरते हीं लैंडर का रैम्प खुलेगा. इसके साथ हीं प्रज्ञान रोवर चाँद की सतह पर आ जाएगा. बता दें कि जानकारी अनुसार विक्रम लैंडर और प्रज्ञान चाँद पर उतारते हीं एक दूसरे की तस्वीर खीचेंगे जिसके बाद ये फोटो ISRO को प्राप्त होगा.

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