मोदी सरकार ने 8 भारतीय नौसेना के पूर्व अफसरों को कैसे रिहा करवाया? 6 पॉइंट्स में समझे

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कतर में फंसे 8 पूर्व भारतीय नौसैनिक अधिकारियों को रिहा कर दिया गया है. अफसरों की मौत की सजा से लेकर रिहाई कैसे हुई 6 पॉइंट में समझे

कतर में फंसे 8 पूर्व भारतीय नौसैनिक अधिकारियों को रिहा कर दिया गया है. कतर की अदालत ने अफसरों को मौत की सजा सुनाई थी. इसकी जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय ने दी. बता दें कि रिहा किए गए आठ पूर्व भारतीय अफसरों में से सात भारत लौट आए हैं. सभी ने मोदी सरकार को धन्यवाद करते हुए ख़ुशी जाहिर की

6 पॉइंट से समझे अफसरों की रिहाई कैसे हुई?

  • 30 अगस्त 2022 कतर ने 8 भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारियों पर कथित जासूसी का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया.
  • सितंबर 2022 में पूर्व भारतीय नौसैनिकों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई. जिसके बाद अक्टूबर 2022 में दोहा में तैनात भारत के राजदूत से अफसरों की मुलाकात हुई. इसी समय अधिकारियों को रिश्तेदारों से बात कराई गई.
  • मार्च 2023 में भारतीय नौसेना के पूर्व अफसरों द्वारा जमानत याचिका खारिज कर की गई. जबकि सबके खिलाफ इसी महीने दोहा की अदालत में ट्रायल शुरू किया गया.
  • कतर की न्यायलय ने 26 अक्टूबर 2023 को 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को मौत की सजा सुनाई। इस दौरान पूर्व अफसरों पर लगे आरोप सार्वजनिक नहीं की गई. हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने नवंबर, 2023 सजा के खिलाफ अदालत में अपील दायर की.  
  • पूर्व अफसरों की रिहाई के सारे रास्ते बंद होने लगे. इस बिच 1 दिसंबर को पीएम मोदी जब दुबई में आयोजित COP28 शिखर सम्मेलन में पहुंचे तो, कतर के आमिर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से पूर्व अफसरों पर बातचीत की.
  • इस सफल मुलाकात के बाद आखिरकार दोहा की अदालत ने फैसला बदलते हुए भारत के आठों पूर्व अफसरों की मौत की सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया.  हालांकि बाद में सभी की सजा को माफ़ करते हुए उनकी रिहाई हो गई.
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