नये संसद भवन के इस राज से खुला पर्दा, भूकंप रोधी संसद के बारे में जाने सबकुछ

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नए संसद भवन की दीवारों से लेकर अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम आज चर्चा का विषय बन गई है

संसद ने देश की तरक्की की नींव लिखी है.18 से 22 सितंबर के बिच विशेष सत्र की बैठक की कार्यवाही चलेगी। 19 सितंबर को संसद की कार्यवाही पुराने संसद से नए संसद भवन में शिफ्ट कर दी गई. विशेष सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही नए संसद भवन से शुरू हो गई है. बता दें कि नए संसद भवन आधुनिकता से लैस है. नए संसद भवन की दीवारों से लेकर अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम आज चर्चा का विषय बन गई है. नए संसद भवन में वो सभी हाईटेक सुविधाओं का लाभ मिलेगा जो पुराने संसद में उसकी काफी कमी थी.

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नए संसद भवन क्यों है खास?

10 दिसंबर, 2020 को नए संसद भवन की आधारशिला रखी गई थी. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मई 2023 को नए संसद भवन का उद्घाटन किया था. 65,500 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला नया संसद भवन के निर्माण में 1200 करोड़ की लागत लगी थी. 1,272 सांसदों के बैठने की क्षमता वाला नया संसद भवन पुराने संसद भवन से ना सिर्फ विशाल है बल्कि इसकी अत्याधुनिक तकनीक सांसदों को कई सुविधाएं देगा। यहां 888 सीट लोकसभा में और राज्यसभा में 384 सीट बनाये गए हैं. वहीँ नए संसद भवन में 6 कमरे समिति के लिए तैयार किए गए हैं. जबकि मंत्रियों के लिए 92 कमरे भी मौजूद हैं.

नये संसद भवन को तीन प्रवेश द्वार ने बनाया आलीशान

नये संसद में तीन द्वार हैं. इसे ज्ञान, शक्ति और कर्म द्वार नाम दिया गया है. सांसदों और वीवीआइपी के लिए अलग-अलग द्वार बने हैं. इसमें संगीत गैलरी, स्थापत्य गैलरी और शिल्प गैलरी भी बने हैं. ये तीनों सार्वजनिक प्रवेश द्वार भारत के अलग-अलग विविधताओं को दर्शाता है.

कलाकृतियों में भारत की पौराणिक कथा

संसद की दीवारों पर वैदिक काल की प्रदर्शनी देखने को मिलती है. गलियारों में उकेरी गई कलाकृतियां भारत के लोकतांत्रिक परंपराओं को दर्शाती है. बता दें कि नए संसद भवन में 5,000 कलाकृतियां लगी हैं. वहीँ आज़ादी की पहचान सेंगोल को भी लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास रखा गया है.

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डिजिटल इंडिया का डिजिटल संसद

नया संसद भवन पूरी तरह से डिजिटल है. इसमें लोकसभा और राज्यसभा के कमरों में चारों तरफ टेक्नोलॉजी का मॉडर्न नजारा दिखता है. दोनों सदनों में अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम की सुविधा है. इसके अलावा अगर बात की जाए संसद में मतदान प्रक्रिया से लेकर विधायी कार्यवाही की तो ये सभी प्रणाली डिजिटल ही संपन्न होंगे.

भूकंप रोधी है नया संसद भवन

नया संसद भवन को तीन साल से भी काम समय में तैयार किया गया है. यह नई ईमारत भूकंप रोधी बनाया गया है. अगर भूकंप आया तो इस ईमारत को इस तकनीक से बनाया गया है कि इसपर खासा असर नहीं होगा.

भारतीय संविधान की ख़ास जगह

नये संसद भवन की आधुनिकता में भारतीय संविधान की डिजिटल प्रति मौजूद है. ये नये संसद भवन कांस्टीटयूशन हॉल में रखा गया है.

संसद में मोर और कमल की छाप

नये संसद भवन के लोकसभा के कमरे को राष्ट्रीय पक्षी मोर से दर्शाया गया है. इसके अलावा राज्यसभा के कक्ष को राष्ट्रीय फूल कमल की छाप से खूबसूरत रूप दिया गया है. बता दें कि लोकसभा और राज्यसभा कक्षों में ‘फाल्स सीलिंग’ के लिए स्टील की संरचना केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव से मंगायी गयी है.

संसद कैफेटेरिया है डिजिटल

नये संसद भवन की हर दीवार को बारीकी से तैयार गया है. यहां सांसदों को सभी सुविधाएं प्राप्त हो रही है. नये संसद भवन में सांसदों के लिए कैंटीन भी अब डिजिटल है. भारतीय पर्यटन विकास निगम द्वारा सांसदों के लिए ‘संसद कैफेटेरिया’ मोबाइल ऐप बनाया गया है. जो एंड्रॉयड और एप्पल दोनों फोन पर उपलब्ध होगाइसके माध्यम से ऑनलाइन खाना मंगवाया जा सकता है. इसमें ऑनलाइन पेमेंट की व्यवस्था है.

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