कट्टरपंथियों ने जिस रुपेश पांडेय (RUPESH PANDEY) कि हत्या की, न्याय मांग रही माँ ने कहा ‘फाँसी दो या बेटे के हत्यारों को मुझे दो… तड़पा-तड़पा मारूँगी’

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“हम कुछ नहीं माँगते, हमको मेरा बेटा दीजिए। जैसा बेटा था मेरा, वैसा बेटा चाह रहे हैं. मेरा दीया बुता दिया. पागल हो गए हैं हम. अभी तक कुछ नहीं हुआ है पुलिस द्वारा. पुलिस छानबीन कुछ नहीं कर रही है. मेरे आगे-पीछे कोई नहीं है. मेरा बेटा था, उसी पर भरोसा था। मेरी तबियत खराब रहती है. किसी तरह से हम गुजर-बसर कर रहे थे. हमको एक डॉक्टर ने फोन किया. उसने बताया कि आपका बेटा यहाँ बेहोश पड़ा हुआ है. इधर ही गिर कर बेहोश पड़ गए हैं. हमको दूसरा कोई ले जा कर बताया. वहाँ पुलिस ने हमको हटा दिया. हमको देखने नहीं दिया. या तो उनको फाँसी की सजा दीजिए या तो मेरे हाथ में उन्हें दीजिए. हम उनको मारेंगे. जैसे मेरे बेटे को तड़पा-तड़पा कर मारा गया, वैसे ही मारेंगे”

एक माँ के जिगर के टुकड़े को मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हमेशा हमेशा के लिए छीन लिया, जिस माँ ने नाजों से अपने बच्चे को पाला. जिसके ऊपर एक आंच नहीं आने देती थी आज उसका बेटा ना जाने कहाँ गम हो गया है. झारखंड के हजारीबाग में सरस्वती विसर्जन में कट्टरपंथियों ने एक 17 साल के मासूम को अपना निशाना बनाया और उसके साथ कहा सुनी की और अंत में उसकी जान ले लिया गया.

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RUPESH KUMAAR PANDEY MOTHER WANTY JUSTICE IN MOB LYNCHING


इस दर्दनाक खबर की आग आज देश के अलग अलग कोने में पहुंच गया है, मांग हो रही है की हिन्दू किशोर रुपेश कुमार पांडेय को न्याय मिले. शहर-शहर कैंडल मार्च किये जा रहे हैं, ताकि उस बेबस माँ के कलेजे को कुछ ठंडक मिले. जिसने भी उसके मासूम बच्चे की जान ली, उसे जल्द से जल्द सजा मिले. इस घटना पर कई तरीके के विवाद खड़े हो चुके हैं लेकिन यहां सबसे अहम् रुपेश की माँ का दर्द है, हिन्दू बच्चे के साथ कट्टरता करने वाले कट्टरपंथी मुस्लिम लोगो को जबतक सजा नहीं होगी शायद ये आग दिन बा दिन बढ़ता चला जायेगा, जिसके लिए साफ़ देखा जा सकता है की इंटनेट पर विरोध प्रदर्शन करने वाले लोग हिन्दू बच्चे के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं.

आपको बता दे की झारखंड के हजारीबाग में 6 फरवरी को कुछ हिन्दू धर्म से जुड़े लोग काफी विवादो के बाद मुस्लिम समुदाय को जिस रास्ते से विसर्जन से ऐतराज था उधर से ना जाकर दूसरे रास्ते को अपनाया पर इसके बाबजूद कट्टरपंथियों ने हिन्दू नौजवानों को घेरने वहीँ पहुंचे और आखिर में बात रुपेश की जान पर बन आई और 17 साल का मासूम मुस्लिम कट्टरवादियों का शिकार हो गया.
इस मामले में सबसे ज्यादा विरोध झारखण्ड के हजारिबाग सहित उसके सीमावर्ती जिलों में हो रही है, जबकि चतरा में रूपेश कुमार पांडेय को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया जिनमे सैकड़ों की संख्या में हिन्दू समाज के लोग शामिल हुये. सोशल मीडिया में अब ये मुहीम तेज हो चुकी है इस बिच मृतक हिन्दू नौजवान रुपेश कुमार पांडेय की माँ का दर्द अब ऐसे छलका है, जिसने हर किसी की आँखे नाम कर दी, 17 साल के हिन्दू बच्चे जिसकी कट्टरपंथियों ने हत्या कर दी उसकी माँ आज अकेली पड़ गेन हैं, जिसके इकलौते लाल की साँसे थम चुकी है.


मृतक रुपेश की माँ ने कहा “हम कुछ नहीं माँगते, हमको मेरा बेटा दीजिए. जैसा बेटा था मेरा, वैसा बेटा चाह रहे हैं. मेरा दीया बुता दिया. पागल हो गए हैं हम. अभी तक कुछ नहीं हुआ है पुलिस द्वारा. पुलिस छानबीन कुछ नहीं कर रही है. मेरे आगे-पीछे कोई नहीं है। मेरा बेटा था, उसी पर भरोसा था. मेरी तबियत खराब रहती है. किसी तरह से हम गुजर-बसर कर रहे थे. हमको एक डॉक्टर ने फोन किया. उसने बताया कि आपका बेटा यहाँ बेहोश पड़ा हुआ है. इधर ही गिर कर बेहोश पड़ गए हैं. हमको दूसरा कोई ले जा कर बताया. वहाँ पुलिस ने हमको हटा दिया। हमको देखने नहीं दिया. या तो उनको फाँसी की सजा दीजिए या तो मेरे हाथ में उन्हें दीजिए. हम उनको मारेंगे. जैसे मेरे बेटे को तड़पा-तड़पा कर मारा गया, वैसे ही मारेंगे.”

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मौजूदा समय में JUSTICE FOR RUPESH देशभर के लिए एक मुहीम बन गई है, जहाँ धीरे धीरे ये खबर लोगो के खून खौला रहा है. नफरत भरे कट्टर विचार को हिन्दू धर्म से जुड़े लोग समेत अन्य भी जमकर अपना आक्रोश दिखा रहे हैं. ऐसे आप इस खबर पर क्या सोचते हैं और मृतक रुपेश की माँ का दर्द सुनकर आपके मन में क्या सवाल आएं हमें जरूर बताएं.

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