ज्यादा खाने के बाद भी क्यों नहीं बढ़ता वजन? – Health Tips

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Nisha
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हर किसी को शिकायत होती है की वो कुछ न भी खाये तो भी उनका वजन बढ़ता ही जा रहा है तो वहीँ ऐसे लोग भी होते हैं जो बहुत खा कर भी पतले दुबले ही होते हैं,आखिर ऐसा क्यों.या आपके आस पास ही ऐसे लोग जरूर होंगे जो कहते तो भरपूर हैं लेकिन आप भी सोचते होंगे की आखिर खाया हुआ खाना जाता कहाँ है. तो आज हम इसी के बारे में बातएंगे की कुछ लोगों का खाना असल में जाता कहाँ है,की शरीर पे कुछ फर्क ही नहीं पड़ता.

दरअसल,पेट और दिमाग का कुछ खास नहीं बनता,तभी तो पेट को दिमाग कई बार बेवकूफ बना देता है. क्यूंकि पेट को लगता है की उसने बहुत कुछ खाया है लेकिन दिमाग अपने कण्ट्रोल से ये तय कर चूका होता है की आपको खाना कितना है. अपने कहते सुना हो गया,अब बस पेट भर गया,क्या सच में पेट एक खली जगह है जो भर जाता है. नहीं,हमारा ब्रेन ही हमें इंस्ट्रक्ट करता है की आप खा लो,या अब बस करो. और जब हम उसकी नहीं सुनते तो,बाथरूम या तो डॉक्टर के चक्कर काट रहे होते हैं.

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कुछ लोग अपने दुबलेपन से परेशां हो कर खूब खाने लगते हैं,क्यूंकि उन्हें लगता है की इससे वो मोठे हो जायेंगे.

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम

ये ऐसी परेशानी है जिससे कोई मरीज ग्रसित तो होता है लेकिन इसके बारे में खुद मरीज को पता नहीं चलता यहाँ तक की जब वो डॉक्टर के पास इलाज़ के लिए जाता है तो चेक अप में भी कुछ नहीं निकलता. भले ही आपको ये नाम अनोखा लग रहा हो लेकिन इससे ज्यादातर लोग ग्रसित होते हैं. ये बीमारी आंतों से यानि की डाइजेस्टिव सिस्टम से रिलेटेड है. जिसमें तेज़ पेट दर्द,गैस,जी मिचलाने जैसी समस्या होती है. जिसका दिमाग के कार्यप्रणाली से इलाज़ होता है.

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दूसरी वजह है स्ट्रेस,आज कल लोगों में स्ट्रेस की परेशानी तो नार्मल हो गयी है,यहाँ तक की छोटे बच्चों में भी स्ट्रेस देखा गया है. अब आपको बताते हैं की स्ट्रेस और दुबलेपन का क्या सम्बन्ध है.दरअसल,स्ट्रेस के कारण हमारे बॉडी में एक हॉर्मोन सीक्रिट होता है,जिसके कारण आपका स्वाभाव चिड़चिड़ापन वाला हो जाता है. और उसकी चिढ़न के कारण लोग खाने से दूरी बनाने लगते हैं. और स्ट्रेस के ही दौरान शरीर में होर्मोनेस सबसे ज्यादा इम्बैलेंस्ड होते हैं.

तीसरी वजह है गलत तरीके से किया हुआ एक्सेरसिस. जैसा की लोगों को ज्यादा खाने के लिए कहा जाता है वैसे ही पतले लोगों को ये भी सलाह दी जाती है की रेगुलर एक्सेरसिस किया करो,लेकिन वही एक्सेरसिस गलत ढंग से होने पर इसका असर उल्टा ही पड़ चूका होता है. और ये मुसीबत बन जाती है.

अगला कारण है,नींद. जो लोग सही से नींद नहीं लेते उन्हें भी ये परेशानी होती है. नींद लेने का मतलब ये नहीं है की आप लगातार घंटों तक सोये हों बल्कि ये है की जब रोज आपके सोने का रूटीन हो आप उसे ही फॉलो करें,मतलब प्रॉपर नींद सही टाइम पर लें. क्यूंकि अगर आप सही वक़्त पे नहीं सोयेंगे तो आपका डाइजेस्टिव सिस्टम भी कंफ्यूज हो जायेगा की उसे कब अपना काम करना है,और अगर वो बिगड़ा तो जायज़ है भूख नहीं ही लगेगी.

अगला कारण है,उचित पोषण यानी न्यूट्रिशन की कमी,जैसे आप खा तो बहुत कुछ रहे हैं लेकिन वो कितना पौष्टिक है ये भी जरुरी है. आप कम ही खाएं लेकिन वो न्यूट्रीशस होना ज्यादा जरुरी है.

आखरी वजह है ख़राब मेटाबोलिज्म,ये ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आपकी बॉडी,पेट में मौजूद खानों को एनर्जी के फॉर्म में तोड़ती है,और अगर दिन भर के बाकी काम सही से नहीं होंगे तो इसके फंक्शनिंग पर असर तो होगा ही.

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