मोदी सरकार ने बजट में बदली 92 साल पुरानी परंपरा, जाने कब और कैसे हुआ ये सब?

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपने कार्यकाल का लगातार छठवां बजट पेश किया. हालांकि आपको बता दें कि मोदी सरकार ने 92 साल पुरानी परंपरा बदल कर रख दी

मोदी सरकार का कार्यकाल 16 जून 2024 को खत्म होने जा रहा है. चुनावी साल होने के कारण गुरूवार (1 फरवरी) को पूर्ण बजट की जगह अंतरिम बजट पेश किया गया है.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) आज संसद में अपने कार्यकाल का लगातार छठवां बजट पेश कर रही हैं. हालांकि आपको बता दें कि मोदी सरकार ने 92 साल पुरानी परंपरा बदल कर रख दी.

बदली 92 साल की ऐतिहासिक परंपरा

देश को इस बजट से कई बड़ी उम्मीदें हैं. ऐतिहासिक कार्यो के लिए जानी जाने वाली मोदी सरकार ने 92 साल से चली आ रही रेल बजट में बड़ा बदलाव किया है. 1924 से रेल बजट को अलग पेश किया जाता था.

पहले से आम बजट और रेल बजट अलग अलग पेश किये जाते थे. लेकिन साल 2017 से मोदी सरकार ने इसमें बदलाव किये और दोनों को एक साथ पेश किया जाने लगा.

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कैसे हुए बदलाव?

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का ये आखिरी बजट पेश किया जा रहा है. 2017 से पहले रेल बजट और आम बजट को अलग अलग कैटेगरी में रखा जाता था. आम बजट में देश के आर्थिक विकास से जुड़ी कई घोषणाएं की जाती थी. इसमें शिक्षा, रक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक शामिल था.

वहीं रेल के लिए अलग से बजट आता था. ऐसे में मोदी सरकार के अंतर्गत 2017 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट में परंपरा बदली और संयुक्त बजट पेश किया.

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