बिहार में फ्लोर टेस्ट के दौरान हुआ बड़ा खेल! नीतीश सरकार ने साबित किया बहुमत

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नीतीश कुमार के भाजपा के पाले में आने के बाद सियासी उथल पुथल अब फ्लोर टेस्ट में तब्दील हो गया. सियासी रस्साकशी के बाद आखिरकार नीतीश कुमार ने फ्लोर टेस्ट में बाजी मार ली

नीतीश कुमार के BJP में शामिल होने के बाद 12 फरवरी को बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हो गया है. सीएम के भाजपा के पाले में आने के बाद सियासी उथल पुथल अब फ्लोर टेस्ट में तब्दील हो गया. सियासी रस्साकशी के बाद आखिरकार नीतीश कुमार ने फ्लोर टेस्ट में बाजी मार ली.

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नीतीश सरकार की बहुमत हुई साबित

28 जनवरी को NDA के साथ सरकार बनाने में कामयाब हुए नीतीश कुमार ही बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. सदन में नितीश कुमार ने सबसे पहले अपनी सरकार के बहुमत को एकर वोटिंग का प्रस्ताव रखा था. बिहार विधानसभा के 243 सीटों में से 122 के बहुमत का आंकड़ा पार कर सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 129 विधायकों ने बहुमत दी. जबकि विपक्ष के खेमें ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

जाने NDA ने कैसे किया खेल

बिहार के बाहुबली नेता आनंद मोहन के बेटे और विधायक चेतन आनंद के साथ-साथ कई दिग्गज विधायकों ने बड़ा खेल किया. पहले ये तेजस्वी के पाले में लग रहे थे लेकिन बाद में उन्होंने JDU के साथ जाने का फैसला किया.

इसके अलावा कई बड़े विधायकों से JDU और RJD संपर्क नहीं कर पा रहे थे लेकिन मामलें को संभालते हुए आखिरकार NDA के साथ नीतीश कुमार की सरकार ने बहुमत साबित कर दिया.

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