डिंपल यादव (Dimpal Yadav) ने भगवा को लेकर दिया भड़काऊ बयान,गुस्से में संत-समाज!

ज़रूर पढ़ें

उत्तर-प्रदेश विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण समाप्त होने के बाद भी प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ.नेताओं के बयान भी तेजी से सामने आ रहे हैं.इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के पत्नी डिम्पल यादव ने एक विवादित बयान दे दिया हैं.डिम्पल यादव भगवा को लेकर विवादित बयान दी हैं.

बता दे की 25 फरवरी को सिराथू में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए डिंपल यादव ने कहा, “मौजूदा डबल इंजन की सरकार है.जब लोहे में जंग लगता है, तो उसका रंग क्या होता है? मुझे लगता है जिस रंग के कपड़े हमारे मौजूदा मुख्यमंत्री पहनते हैं, उसी रंग का होता है. ऐसे जंग वाले इंजन को हटाने का समय आ गया है.”डिंपल के इस बयान पर यूपी बीजेपी ने ट्वीट कर पलटवार किया है.

- Advertisement -

यूपी बीजेपी ने लिखा, “जिस भगवा का अपमान सपा नेता कर रही हैं, वो सनातन धर्म व तप, त्याग, बलिदान का प्रतीक है. महलों में रहने वाले ‘परिवारवादियों’ को एक भगवाधारी से सिर्फ इसलिए इतनी नफरत है कि वो 25 करोड़ जनता को अपना परिवार मानते हैं? ‘खास वोटबैंक’ को खुश करने के लिए भगवा का अपमान नहीं सहेगा यूपी…”

डिंपल यादव (Dimple Yadav) द्वारा दिए गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के भगवा कपड़े को लेकर जंग वाले बयान पर डिंपल यादव (Dimple Yadav) द्वारा दिए गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के भगवा कपड़े को लेकर जंग वाले बयान पर अनुराग ने कहा कि भगवा की तुलना लोहे के जंक से करना उत्तर प्रदेश की जनता व संत समाज का अपमान है। डिंपल का ज्ञान कम है। उन्हें अपना बयान वापस लेना चाहिए। साथ ही उत्तर प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

सीएम योगी के कपड़े को लेकर डिंपल यादव द्वारा दिए गए बयान पर साधू-संतों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. डिंपल यादव के बयान पर शिव शक्ति धाम डसना की महंत चेतनानंद सरस्वती ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जनसभा के दौरान डिंपल यादव ने भगवा रंग पर अभद्र टिप्पणी की है जिसको मैं मानसिक विक्षिप्तता के तौर पर देखती हूं, जिस तरह से उनके परिवार के लोगों के हाथ हमारे खून से सने हुए हैं. सत्य सनातन संस्कृति सदियों तक इस बात की गवाह रहेगी कि उनके परिवार के लोगों ने हमारे खून को सदियों में बहा कर नदी को लाल कर लिया था.

- Advertisement -

साध्वी गीतांबा तीर्थ ने कहा कि भगवा रंग पर किसी को टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि भगवा रंग हमारे अध्यात्म का प्रतीक है. हमारे आध्यात्मिक जीवन पर कोई भी कुठाराघात नहीं कर सकता है. भगवा रंग पर टिप्पणी करने वाले लोग गलत हैं, क्योंकि भगवा रंग हमारी ऊर्जा का स्रोत है और भगवा रंग से हमारे शरीर में ऊर्जा आती है. सूर्य का प्रकाश भी भगवा रंग से ही आता है. भगवा रंग अग्नि का स्वरूप है. वही भगवा रंग हमारे लिए बलिदान का भी प्रतीक है. हमारे देश में भगवा रंग का बहुत महत्व है. इसलिए भगवा रंग को लेकर कोई भी टीका टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए

संत समिति के महामंत्री जितेंद्र नंद सरस्वती ने भगवा वस्त्र बलिदान का प्रतीक है. कफन बलिदान का प्रतीक नहीं होता है. डिंपल यादव को लाल कपड़ा और लाल झंडा मुबारक हो.संत समिति के महामंत्री जितेंद्र नंद सरस्वती ने कहा कि डिंपल यादव ने जो भगवा वस्त्र के लिए कमेंट किया है. उन्हें इस तरह की राजनीति मुबारक हो, लेकिन अपनी समझ को थोड़ा विकसित करिए की भगवा वस्त्र बलिदान का प्रतीक है. कफन बलिदान का प्रतीक नहीं हुआ करता है. डिंपल यादव को लाल कपड़ा और लाल झंडा मुबारक हो.

डिम्पल यादव के इस बयान पर आपकी क्या राय हैं,आप अपनी राय हमारी कमेंट बॉक्स में जरूर बताये.

- Advertisement -

Latest News

PM मोदी से आम आदमी कैसे कर सकता है बात? जाने नंबर, एड्रेस से लेकर ईमेल आईडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने लोकप्रिय हैं कि उनके सोशल मीडिया साइट्स पर करोड़ो फॉलोवर्स हैं. ऐसे में उनसे जुड़े...

अन्य आर्टिकल पढ़ें...