ATTACK MOVIE REVIEW

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Nisha
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आज जॉन अब्राहम,जैकलिन फर्नॅंडेज़ और रकुल प्रीत स्टार्रर फिल्म अटैक जिसका इंतज़ार देशक काफी समय से कर रहे थे वो आखिर कार परदे पर अपना जलवा बिखेर चुकी है. जॉन अब्राहम की लोकप्रियता कितनी है ये बताने की जरुरत तो है नहीं क्यूंकि,उनकी फैन फोल्लोविंग और दर्शकों का प्यार उनकी फिल्मों की कलेक्शन से ही दिख जाती है. पहले तो आपको बता दें की अटैक की ये फिल्म केवल पार्ट वन है यानि की इसके और भी कई पार्ट्स बनने बाकि है. आज इस वीडियो में आपको अटैक की रिव्यु तो देंगे ही साथ ही इस फिल्म की कहानी और इसमें एक्टर्स की परफॉरमेंस,मूवी की बेस्ट पॉइंट और कमी हर कुछ पर बात करेंगे.

पहले तो आपको बता दें की इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्य राज सिंह ने किया है. इस फिल्म को जिस प्लाट पर बनाया गया है,इससे पहले कोई बॉलीवुड की फिल्म नहीं बानी है.

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अब बात कहानी की कर लेते हैं.

फिल्म की कहानी भारतीय सेना के एक जवान अर्जुन शेरगिल (जॉन अब्राहम) की है. फिल्म की शुरुआत एक सैन्य ऑपरेशन के साथ होती है, जिसमें अर्जुन के नेतृत्व में भारतीय सेना मॉस्ट वांटेड आतंकी गुल को अपने कब्जे में लेती है. इसके बाद अर्जुन शेरगिल की मुलाकात आयशा (जैकलीन फर्नांडिस) से होती है. आयशा एक एयर होस्ट्रेस है. आयशा और अर्जुन की मुलाकातें दोस्ती में बदलती है और फिर दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं. अर्जुन, आयशा से शादी करना चाहता है, लेकिन उससे पहले ही आयशा की मौत हो जाती है, वो भी एक आतकंवादियों के हमले में. इस हमले में आयशा को बचाने के चक्कर में अर्जुन को भी गोलियां लगती हैं. अर्जुन बच तो जाता है, लेकिन उसे लकवा मार जाता है. वह न चल सकता है और न अपने हाथों को चला सकता है. वह व्हीलचेयर पर आ जाता है और उसकी देखभाल के लिए सिर्फ एक ही सहारा है, वो है उसकी मां (रत्ना शाह पाठक).

अपनी लाचारी पर अर्जुन को बहुत गुस्सा और दुख होता है, लेकिन उसके पास कोई विकल्प भी नहीं है. हालांकि, अब आता है कहानी में ट्विस्ट. फिल्म में एंट्री करते हैं सरकार में बड़े औदे पर बैठे सुब्रमण्यम (प्रकाश राज) और वैज्ञानिक सबा (रकुलप्रीत सिंह). सबा एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रही होती है, जहां पर किसी बीमार सॉल्जर को सुपर सॉल्जर बनाया जा सके. वह कुछ टेक्नोलॉजी को इंवेंट करती है. सुब्रमण्यम और सबा मिलकर इस टेक्नोलॉजी का ट्रायल अर्जुन पर करते हैं और वह बन जाता है सुपर सॉल्जर. इसी बीच आतंकी गुल का बेटा हामिद गुल संसद पर हमला कर देता है. उसके कब्जे में देश के प्रधानमंत्री भी हैं. अब सुपर सॉल्जर बनकर जॉन अब्राहम उर्फ अर्जुन शेरगिल कैसे संसद में होस्टेज बने प्रधानमंत्री समेत 300 लोगों को बचाता है, ये देखने के लिए तो आपको सिनेमाघरों का रुख करना होगा.

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अब बात इस फिल्म में एक्टर एक्ट्रेसों की एक्टिंग की कर लेते हैं,जॉन अब्राहम अक्सर अपने सबसे अलग किरदार के लिए जाने जाते हैं. ये मोस्टली पैट्रिओटिक मूवी में ही दीखते हैं. इनकी एक्टिंग हमेशा से ही जबरदस्त रही है,वहीँ जैकलिन और रकुल प्रीत सिंह की एक्टिंग जॉन के सामने दबती दिखी है,लेकिन दर्शक को बिलकुल बोर नहीं करेगी.

फिल्म में वीएफएक्स का इस्तेमाल,धमाकों वाले सीन्स के लिए किये गए हैं. अगर इस फिल्म को केवल एंटरटेनमेंट के नजरिये से देखे तो आपको मजा आएगा,लेकिन अगर देशभक्त के तौर पर देखते हैं तो आपको ये भी लाजवाब लगेगी.

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