अमरनाथ जलप्रलय में संकटमोचन बने हैं सेना के जवान, इन हेल्पलाइन नंबर्स पर लें जानकारी

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रेस्क्यू के दौरान कई श्रंद्धालु पत्थरों के शव आस पास मिलें, वहीँ कई घायलों के भी स्थितियों से अंदाजा लगाया गया कि कई लोग पत्थरों के निचे भी दवे हो सकते हैं. सेना कि एक बड़ी टीम इस काम में जुटी हुई है. सावधानी के साथ लोगों को निकलने का प्रयास किया जा रहा है

जम्मू कश्मीर के अमरनाथ हादसे में अबतक 16 कि मौत कि खबर आ रही है. जबकि 40 लोग अभी भी लापता बताएं जा रहे हैं. बीते शुक्रवार कि शाम अमरनाथ नगरी के पवित्र गुफा के पास बादल फटने के बाद सब तहस नहस हो गया. इस महाप्रलय में अभी भी कई ज़िंदगियाँ मौत के साए में घिरी हुई है.

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ऐसे में लगातार जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा हालात पर निगरानी कर रहे हैं. जबकि सेना के जवान इस त्रासदी में सभी श्रंद्धालुओं के लिए श्री हनुमान कि तरह खड़े हैं. रेस्क्यू किये गए श्रंद्धालु जवानो कि खूब तारीफ कर रहे हैं. मौजूदा समय में सेना अपनी तत्परता से कइयों कि जान बचाने में सफल रही है.

बता दें कि अमरनाथ हादसे में भारी तबाही के बिच सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीएसएफ, सेना, स्थानीय पुलिस और श्राइन बोर्ड द्वारा बचाव अभियान में लगे हुये हैं.
यहां BSF के MI 17 हेलिकॉप्टर को भी लगा दिया गया है जबकि आसमान से लिकर धरती पर भारतीय सेना अपनी पूरी दमखम लगा कर श्रंद्धालुओं को बचा रही है वहीँ हर सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करा रही है.

पत्थरों को हटाकर ढूंढें जा रहे श्रंद्धालु

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रेस्क्यू के दौरान कई श्रंद्धालु पत्थरों के शव आस पास मिलें, वहीँ कई घायलों के भी स्थितियों से अंदाजा लगाया गया कि कई लोग पत्थरों के निचे भी दवे हो सकते हैं. सेना कि एक बड़ी टीम इस काम में जुटी हुई है. सावधानी के साथ लोगों को निकलने का प्रयास किया जा रहा है.

सलामती की दुआ कर रहे परिजन

अमरनाथ गुफा के पास बदल फटने कि इस तबाही के मंजर ने हर किसी कि चिंता बढ़ा दी है. यात्रा पर गए लोगों के परिजन घबरायें हुयें है. डर है की कहीं कोई बुरी खबर ना आ जाएँ.

हर कोई प्राथना कर रहें हैं कि जल्द से जल्द उनके अपने उनके सामने हों. अबतक जितनी भी शव मिली है. उनकों देख कर साफ़ नजर आता है कि किस कदर खौफनाक मंजर ने जगह बनाई हुई होगी।

सर्च और रेस्क्यू डॉग कि मदद से लोगों कि खोज

जिस तरीके से इस घटना में लगातार शव मिल रहे हैं, ये बेहद डरावना है. लोग दुआएं कर रहे हैं कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित हों. ऐसे में जहाँ एक तरफ सेना के जवान, एनडीआरएफ समेत और सुरक्षा बल लोगों को निकलने में काम कर रहे हैं.

वहीँ इस ऑपरेशन में सर्च और रेस्क्यू डॉग को भी शामिल किया गया है. यहां शरीफाबाद से 2 सर्च और रेस्क्यू डॉग को हेलीकॉप्टर के जरिए पवित्र गुफा में ले जाया गया है.

उपराज्यपाल कि स्थितियों पर है नजर

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा लगातार स्थिति की निगरानी में जुटे हुये हैं. पल पल कि रिपोर्ट लेते हुये उपराज्यपाल जरुरी फैसले भी ले रहे हैं. बता दें कि उन्होंने राहत और बचाव कार्य के सभी ऑपरेशन बारे में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को भी जानकारी साझा कि है.

यहां LG की जानकारी मुताबिक सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीएसएफ, सेना, स्थानीय पुलिस और श्राइन बोर्ड द्वारा बचाव अभियान जारी है.

ऐसे में ALH अपने हेलिकॉप्टर द्वारा घायलों को बचाने में लगे हुयें हैं. उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है. तीर्थयात्रियों को सभी आवश्यक मदद देने के निर्देश जारी किए गए हैं.

तबाही का मंजर था खतरनाक

यात्रा को लेकर अमरनाथ में कई अफसर तैनात थे, उन्होंने बताया कि बादल फटने के बाद एकदम से पानी का बहाव आया. इसमें दो बड़े पहाड़ों का मलबा आ गया. मलबे में कई बड़े बड़े पत्थर थे, जिनकी वजह से इनकी चपेट में कई यात्री आ गए. यह एक मुख्य कारण था कि इतने लोगों की जान चली गई.

यहां बता दें कि अमरनाथ गुफा के पास फटे बादल से एक घंटे के भीतर इतनी बारिश हो गई, जितनी कि पांच घंटों में भी नहीं होती.

यही नहीं यात्रा के बिच अमरनाथ गुफा के आसपास के कैंपों में भी बारिश नहीं हुई, लेकिन गुफा के ऊपर भारी बारिश हुई. इस बीच बादल फट गया और तबाही मच गई.

स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर

अमरनाथ यात्रा के हादसे पर वहां का पूरा इलाका अलर्ट मोड़ पर है. मौजूदा समय में सेना बल कि टुकड़ियां काम कर रही है. वहीँ एयर फाॅर्स भी निगरानी करते हुये हर संभव कोशिश में जुटी हुई है, ताकी लोगों कि जान बच पाए. इसके साथ हीं स्वास्थ्य विभाग ने भी मोर्चा उठा लिया है. सबकी डॉक्टर्स, नर्सेज बाकी अन्य स्टाफ कि छुटियाँ रद्द हो गई है.

स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, कश्मीर ने कर्मचारियों के सभी अवकाश रद्द कर दिए और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है. जबकि इस बिच सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल स्विच ऑन रखने के सख्त निर्देश दिए. पल पल कि अपडेट यहां तुरंत ट्रांसफर हो रही है और लोगों को बचाया जा रहा है.

तीनों बेस अस्पताल में चल रहा घायलों का उपचार

सीएमओ गांदरबल डॉ. अफरोजा शाह ने जानकारी देते हुये कहा है कि फिलहाल सभी घायलों का तीनों बेस अस्पतालों में इलाज चल रहा है. जबकि ऊपरी पवित्र गुफा, निचली पवित्र गुफा, पंजतरणी और आसपास की अन्य सुविधाएं ली जा रही हैं. घायल मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके उसके लिए हर जरुरी चीज मुहैया कराइ जा रही है.

पीएम मोदी ने जताया दुःख

अमरनाथ नगरी के सबसे पवित्र गुफा के पास बदल फटने से त्रासदी हुई उसपर बाद PM नरेंद्र मोदी ने भी दुःख प्रकट किया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की. उन्होंने हादसे पर दुख जताया और पीड़ित लोगों तक हर मुमकिन मदद पहुंचाने की बात कही.

यहां प्रधानमंन्त्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुये लिखा, ‘‘श्री अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। मनोज सिन्हा जी से बात की और स्थिति की जानकारी ली।” प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बचाव और राहत अभियान जारी है। प्रभावितों को हरसंभव सहायता मुहैया कराई जा रही है.” 

इन नंबर्स पर लें अपनों कि जानकारी

संयुक्त पुलिस नियंत्रण कक्ष पहलगाम

9596779039
9797796217
01936243233
01936243018

पुलिस नियंत्रण कक्ष अनंतनाग

9596777669
9419051940
01932225870
01932222870

अमरनाथ श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर पुलिस और NDRF ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए

0194 2313149
0194 2496240

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