हिजाब विवाद के बिच महालिंगेश्वर मंदिर के वार्षिक महोत्सव पर लिया गया बड़ा फैसला, गैर हिन्दुओं को नहीं होगी ये इजाजत

ज़रूर पढ़ें

जहाँ अस्थायी स्टॉलों की नीलामी भी केवल हिंदुओं के लिए सीमित है. 19 मार्च 2022 को मंदिर के प्रशासन ने इस संबंध में द हिंदू में एक नोटिस भी निकालकर सुचना दी

कर्णाटक में मजहबी रंग देने वाले कट्टरपंथियों द्वारा लगातार कोशिश की जताई रही है कि माहौल खराब हो, हालाँकि कर्णाटक सरकार की तरफ से हर पहलुओं पर नजर बानी रही है.

- Advertisement -

बीते कुछ समय से कर्णाटक में हिजाब विवाद ने हड़कंप मचाया, मुस्लिम समुदाय की छात्राएं क्लास के अंदर हिजाब पहनकर जाने की जिद पर अड़ी रहीं.

यहां यूनिफार्म होने के बाबजूद मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा छात्रों को समर्थन मिला की स्कूल कॉलेज की अनुशासन को मानो या ना मानों हिजाब पहनने की जिद करते रहो. हालाँकि है कोर्ट ने एतराज जताते हुये छात्रों को शिक्षा प्रणाली में अनुशासन मानाने को कहा.

जी हाँ विवाद के बिच बजरंग दल के कार्यकर्त्ता हर्षा नमक युवक की हत्या कर दी गई थी. जहाँ देशभर में हिन्दू धर्म के लोगो में आक्रोश फुट पड़ा.

- Advertisement -

इन सब मामले के बिच कर्णाटक में ख़ास तरीके के निर्णय लिए गए हैं, जहाँ पूरी कोशिश की गई है कि कट्टरपंथियों की नापाक हरकत को नाकामयाब किया जा सके.

दरअसल, साम्प्रदायिक हिंसा और माहौल के बिच कर्णाटक के मरिकंबा उत्सव से मु्स्लिम दुकानदारों को बाहर रखा गया.

जबकि मंदिर समिति के अध्यक्ष एसके मरियप्पा ने बातचीत करते हुये कहा कि अतीत में कभी भी स्थिति सांप्रदायिक नहीं थी, लेकिन हाल के घटनाक्रम और सोशल मीडिया पर शुरू किए गए अभियानों ने उन्हें इस माँग को मानने पर मजबूर किया.

आपको बता दें कि हिन्दू मुस्लिम विवाद में माहौल को देखते हुये राज्य के कई मंदिरों द्वारा अपने वार्षिक महोत्सव कार्यक्रमों में स्टॉल लगाने की अनुमति केवल हिंदुओं तक सीमित करने का फैसला ले लिया गया है.

जबकि पुत्तुर जिले में स्थित महालिंगेश्वर मंदिर की तरफ से 10 से 20 अप्रैल के बिच शहर में होने वाले वार्षिक जात्रा उत्सव के मौके पर भी सिर्फ हिन्दू धर्म के लोगो को ही स्टॉल लगाने की अनुमति दी गई है.

जहाँ अस्थायी स्टॉलों की नीलामी भी केवल हिंदुओं के लिए सीमित है. 19 मार्च 2022 को मंदिर के प्रशासन ने इस संबंध में द हिंदू में एक नोटिस भी निकालकर सुचना दी.

ऐसे में 22 मार्च से शुरू हुए 5 दिवसीय उत्सव के दौरान शिवमोगा में कोटे मरिकंबा जात्रा की आयोजन समिति की तरफ से फैसला सुनाया गया है कि यहां हिंदू दुकानदार हीं अपनी दुकानें स्थापित करे.

जबकि इसी तरह का फैसला कर्नाटक के उडुपी में होसा मारिगुडी मंदिर ने भी अपने वार्षिक मेले में लिया और हिंदू विक्रेताओं को दुकानें आवंटित करने का निर्णय लिया.

आपको बता दें कि मंदिर ने यह ककड़ा निर्णय राज्य में हुए हिजाब विवाद के बाद लिया है. जहाँ समिति ने ऐलान किया कि वार्षिक ‘सुग्गी मारी पूजा’ में केवल हिंदू दुकानें लगाएँगे.

तमाम मंदिरो में लिए गए फैसले शिवमोगा और उडुपी की तरह महालिंगेश्वर मंदिर में भी लिया गया.

सांप्रदायिक माहौल को नियंत्रित करने के लिए नोटिस जारी किया गया जहाँ उसमे लिखा गया केवल हिंदू विक्रेताओं को ही जोथ्रावटी उत्सव में भाग लेने की अनुमति है, जो कि अप्रैल में होगा. जात्रा के दौरान मंदिर के सामने पूजा 29 मई को होगी और अस्थायी दुकानदारों को मंदिर कार्यालय द्वारा दी गई जमीन पर दुकान लगाने की अनुमति होगी.

ऐसे में जहाँ मंदिरो पर लिए इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है तो वहीँ विरोध की सुगबुगाहट में शुरू हो गई. साथ हीं कर्णाटक में अभी हिजाब विवाद को मंदिरो के मामले से दूर रखने की कोशिश की जा रही है ताकि हिन्दुओं की आस्था में कोई रोड़ा ना बन पाएं.

- Advertisement -

Latest News

PM मोदी से आम आदमी कैसे कर सकता है बात? जाने नंबर, एड्रेस से लेकर ईमेल आईडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने लोकप्रिय हैं कि उनके सोशल मीडिया साइट्स पर करोड़ो फॉलोवर्स हैं. ऐसे में उनसे जुड़े...

अन्य आर्टिकल पढ़ें...