Lulu Mall के बाद अब Prayagraj Railway Station पर पढ़ी गई सामूहिक नमाज, वेटिंग रूम में जमात के साथ इमाम ने पढ़ाई नमाज

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लखनऊ के लूलू मॉल में नमाज पर विवाद अभी थमा नहीं था की प्रयागराज रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में नमाज पढ़ने की खबर ने हंगामा मचा दिया है। जानकारी के मुताबिक प्रयागराज जंक्शन स्टेशन के वेटिंग रूम में नमाज पढ़ी गई. इस खबर के बाद सोशल मीडिया में इसका जमकर विरोध हो रहा है.

आरोप है कि प्रयागराज के वेटिंग रूम में आरपीएफ और जीआरपी के सामने ही मौलाना ने अपने साथ के नाबालिक बच्चों के साथ नमाज पढ़ाना शुरू कर दिया था लेकिन उन्हें किसी ने नहीं रोका।
गौरतलब है कि सार्वजनिक तौर पर ऐसे धार्मिक क्रिया करने पर पूरी तरह पाबंदी है. इसके बावजूद मौलाना ने सार्वजनिक रूप से इन्हें तीन वक्त की नमाज पढ़ाई. इस दौरान वेटिंग रूम में मौजूद जीआरपील और आरपीएफ जवानों ने कोई कदम नहीं उठाया.

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नमाज पढ़ते वक़्त जीआरपी और आरपीएफ जवान देखते रहे सबकुछ

प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक के वेटिंग रूम के अंदर बगैर किसी रोक टोक के बाकायदा तीन वक्त की नमाज सामूहिक रूप से अदा की गई है.यहां एक मौलाना और सतह में उसके कुछ नाबालिक बच्चे दिख रहे हैं. इन बच्चों को महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन से मजदूरी के लिए दिल्ली लाया जा रहा था. वहीँ नमाज अदा करने को लेकर कहा जा रहा है कि रेलवे प्रशासन ने यहां उन्हें मना करने के बजाये वहीँ कड़ी सबकुछ देखती रही.

बता दें कि इस वक़्त वहां जीआरपील और आरपीएफ के जवान भी मौजूद थे. फिर भी कोई कदम नहीं उठाया गया. आस पास खड़े अन्य पैसेंजर ने प्रयागराज स्टेशन के वेटिंग रूम में नमाज पढ़ने के पूरे व्याख्या को अपने कमरे में कैद कर लिया। इस इंटरनेट पर जैसे हीं डाला गया, हर तरफ से इसका विरोध होने लगा. वहीँ वीडियो जमकर वायरल हुआ.

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महानंदा एक्सप्रेस से मजदूरी के लिए ले जाने की मिली थी खबर

दरअसल बचपन बचाओ आंदोलन चलाने वाली संस्था के जरिए जीआरपी प्रयागराज को सुचना मिली थी कि एक मौलाना द्वारा कुछ नाबालिक बच्चों को महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन से मजदूरी के लिए दिल्ली लाया जा रहा था। ऐसे में प्रयागराज पहुंचने पर महानंदा एक्सप्रेस में जनरल कोच से जीआरपी की टीम ने करीब 15 नाबालिक बच्चों व 6 अन्य को रेस्क्यू कर ट्रेन से उतार लिया.

वहीं इन सभी को प्रयागराज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर के वेटिंग रूम बिठाया गया. जबकि इस बिच बाल कल्याण समिति की टीम ने पूछताछ कि तो मौलाना ने खुद को इन बच्चों को गार्जियन बताने लगा. उसने कहा कि वो इन बच्चों को फतेहपुर स्थित मदरसे में पढ़ाई के लिए ले जा रहा है.

बाल कल्याण समिति के सदस्यों को आशंका है कि मौलाना झूठ बोल रहा है और बच्चों को मजदूरी के लिए दिल्ली ला रहा था. फिलहाल मौलाना के साथ आये सभी नाबालिक बच्चों को चाइल्ड लाइन भेज दिया गया है. ऐसे में बाल कल्याण समिति कि तरफ से बच्चों के परिवार वालों को भी जानकारी दे दी गई है. समिति का कहना है कि इनके परिजनों को आने पर बच्चों को उन्हें सौंप दिया जाएगा.
ऐसे में बाल कल्याण समिति का कहना है कि परिजनों के आने के बाद बच्चों को उनकी सुपुर्दगी में सौंप दिया जाएगा. सभी बच्चे बिहार के खगड़िया और सहरसा जिले के रहने वाले हैं.

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